कश्मीरी छात्रों को मदद की अपील लाई आफ़त

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बाढ़ को देखते हुए कश्मीरी छात्रों को मदद देने की अपील, उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के उप-कुलपति के लिए आफ़त बन गई.

विश्वविद्यालय के उप-कुलपति प्रोफ़ेसर जवाहरलाल कौल को हिंदू संगठनों के ग़ुस्से का शिकार होना पड़ा है.

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उप-कुलपति के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया, उनके कमरे में तोड़फोड़ की और घबराए हुए प्रोफ़ेसर कौल को एक स्थानीय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया.

हिदू संगठनों के कार्यकर्ता उप-कुलपति से उस बयान को वापस लेने की मांग कर रहे थे जिसमें उन्होंने बाढ़ को देखते हुए मकान मालिकों से अपील की थी कि वे कश्मीरी छात्रों को कुछ महीनों के लिए किराए में छूट दें और उन पर फ़ौरन किराया देने के लिए दबाव न डालें.

हिंदू संगठनों के नेताओं का आरोप और सवाल था कि इस तरह की अपील उत्तराखंड और गुजरात में जब बाढ़ आई थी तो तब क्यों नहीं की गई.

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Image caption विक्रम विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इस घटना के ख़िलाफ़ विश्वविद्यालय बंद करने की घोषणा की है.

उप-कुलपति प्रोफ़ेसर कौल के अब अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.

पुलिस ने मामला दर्ज किया

विक्रम विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर एसके मिश्रा ने आज विश्वविदयालय को बंद रखने की घोषणा की है.

उन्होंने कहा, “हम चाहते है कि जो लोग भी इस घटना में शामिल है उन सभी को तत्काल गिरफ़्तार किया जाए.”

उज्जैन के एसपी अनुराग कुमार ने बताया, “एक प्रोफ़ेसर ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कराई है. ये एफ़आईआर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज की गई है."

उन्होंने कहा, "प्रोफ़ेसर ने बताया कि वो किसी को भी नहीं पहचानते हैं. पुलिस ने वीडियो सीडी के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है. हम सभी को वीडियो के आधार पर जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे.”

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