भाजपा-शिवसेना में मतभेद बरक़रार

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी-शिवसेना के बीच सीटों को लेकर रविवार को भी कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हो सका.

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक हुई जिसमें अन्य मुद्दों के अलावा महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ जारी मतभेद पर भी विचार विमर्श किया गया.

इस बैठक के बाद महाराष्ट्र बीजेपी के प्रभारी राजीव प्रताप रूडी ने बस इतना कहा, ''हम समझौते के पक्ष में हैं. और हम चाहेंगे कि शिवसेना से हमारा जो समझौता पिछले 25 वर्षों से है वो सम्मानजनक ढंग से क़ायम रहे. हम उस समझौते का सम्मान करते हैं.''

'त्याग करे शिवसेना'

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Image caption उद्धव ठाकरे भी फ़िलहाल झुकने को तैयार नहीं दिखते

इस बीच मुंबई में बीजेपी नेताओं ने कहा कि वे 135 सीटों की अपनी पहले की मांग से पांच सीटें कम यानी 130 सीटें भी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.

बीजेपी का कहना है कि यह समय है कि शिवसेना 'थोड़ा त्याग' करे, क्योंकि बीजेपी चुनाव जीतने और गठबंधन बचाने के लिए अतीत में 'त्याग' करती रही है.

बीजेपी ने सुझाव दिया था कि दोनों पार्टियां 135-135 सीटों पर चुनाव लड़ें और बाक़ी बची 18 सीटें गठबंधन की छोटी पार्टियों के लिए छोड़ दिया जाए.

लेकिन बीजेपी की इस मांग को ख़ारिज करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को 119 सीटों की पेशकश की थी और ख़ुद 155 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी. लेकिन बीजेपी ने शिवसेना की पेशकश को ठुकरा दिया था.

रविवार को ही उद्धव ठाकरे ने अपनी ओर से एक अंतिम सुझाव दिया जिसके अनुसार शिवसेना 151, बीजेपी 119 और छोटी पार्टियों के लिए 18 सीटें छोड़ने की बात कही गई है.

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं. 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 169 सीटों पर और बीजेपी ने 119 सीटों पर चुनाव लड़ा था.

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