'मोदी से उम्मीद', भारत की रेटिंग स्थिर: एसएंडपी

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रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स या एसएंडपी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत देते हुए उसकी रेटिंग को नकारात्मक (बीबीबी माइनस) से बढ़ाकर 'स्थिर' कर दिया है.

एजेंसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को मिला भारी बहुमत उसे राजकोषीय और आर्थिक सुधारों को लागू करने में मदद करेगा.

वर्ष 2012 के अप्रैल में एसएंडपी ने भारत की रेटिंग घटाकर 'नकारात्मक' कर दी थी. इसे निवेशकों में भारत के प्रति विश्वास की कमी के रूप में देखा गया.

हालांकि आम चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार आने से विदेशी निवेशकों का विश्वास बहाल हुआ है और आर्थिक विकास ने भी गति पकड़ी है.

एक बयान में एसएंडपी ने कहा, "रेटिंग में यह संशोधन दिखाता है कि वर्तमान सरकार को मिला भारी बहुमत शासकीय, राजकोषीय और आर्थिक सुधारों को लागू करने में मददगार साबित होगा."

'प्रशासन पर भरोसा'

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Image caption एसएंडपी ने 2012 में भारत की रेटिंग को घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया था

बयान में कहा गया है, "हमें भरोसा है कि वर्तमान प्रशासन नीतिगत रुकावट, ऊर्जा आपूर्ति की बाधा और प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करेगा."

दुनिया की तीन सबसे बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने भारत को 'स्थिर' रेटिंग दी है, जिसका मतलब है- सबसे कम निवेश का ग्रेड.

एसएंडपी ने भारत की क्रेडिट रेटिंग के लिए इसके सुधरते चालू खाता संतुलन को अन्य सकारात्मक कारकों में से एक माना है.

एजेंसी ने कहा कि यदि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर 5.5 प्रतिशत प्रति वर्ष हो तो वह इसकी रेटिंग बढ़ा सकती है.

लेकिन एजेंसी ने चेताया है कि यदि सरकार का सुधार का एजेंडा लटका तो वो रेटिंग कम भी कर सकती है.

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