बच्चे पर 'ज्यादती', स्कूल बंद करने का आदेश

  • 30 सितंबर 2014
केरल, प्रिंसिपल शशिकला इमेज कॉपीरइट NIDHIN A S

केरल में एक अनाधिकृत स्कूल की महिला प्रिंसिपल को एक स्कूली बच्चे को कुत्ते के घर में बंद करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ़्तार कर अदालत में पेश किया, जहां उन्हें ज़मानत मिल गई.

दूसरी तरफ़ तिरूअनंतपुरम के ज़िलाधिकारी ने दौरा कर स्कूल बंद करने का आदेश दिया है. उन्होंने धरना प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि उनके बच्चों को आस पड़ोस के दूसरे स्कूलों में जगह दी जाएगी.

प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल के एक बच्चे को कुत्ते के घर में बंद कर दिया था. प्रिंसिपल ने कथित तौर पर बच्चे को दूसरे बच्चे की सीट पर बैठने की वजह से ये सज़ा दी थी. प्रिंसिपल पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज़ किया गया है.

शिक्षा मंत्री पीके अब्दुरब और सामाजिक कल्याण मंत्री डॉक्टर एमके मुनीर ने अपने विभाग के अधिकारियों को इस मामले में जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं.

तिरूअनंतपुरम के ज़िला अधिकारी ने स्कूल का दौरा करने के बाद स्कूल बंद करने का आदेश दिया है और विरोध प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को

हालांकि स्कूल प्रशासन ने कहा है कि ये आरोप अविश्वसनीय और स्कूल की प्रिंसिपल शशिकला के ख़िलाफ़ एक साजिश है.

विरोध प्रदर्शन

डॉक्टर मुनीर ने कहा, "इस तरह का व्यवहार सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मैंने अधिकारियों को इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ उचित क़दम उठाने का आदेश दिया है बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाले आयोग ने भी जांच शुरू कर दी है."

यह घटना उस वक्त प्रकाश में आई, जब बच्चे के माता पिता स्थानीय लोगों के साथ मिलकर स्कूल के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

वे प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

परिजनों की ओर से दायर किए गए शिकायत के अनुसार कुत्ते को बाहर निकालकर बच्चे को कुत्ते के घर में बंद कर दिया गया था.

ये स्कूल प्रिसिंपल के घर के परिसर में ही चलता है. ये स्कूल एलकेजी से 7वीं क्लास तक है.

धमकी

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पीड़ित बच्चे की बड़ी बहन भी इसी स्कूल में पढ़ती है.

उसने अपने भाई को जब कुत्ते के घर में बंद देखा तो प्रिंसिपल से इसकी शिकायत की लेकिन प्रिंसिपल ने कथित तौर पर उसे अपने माता-पिता को इसके बारे में बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी.

बच्चे ने भी स्थानीय न्यूज़ चैनल से बातचीत में इस ज्यादती के बारे में बताया.

राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टीस जेबी कोशी ने कहा कि उन्होंने कथित आरोप की जानकारी जुटाने के आदेश दिए ताकि आगे कार्रवाई शुरू की जा सके.

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