बस एक लाख में बच्चा बेचने को मज़बूर मां

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26 साल की एक महिला अपने नौ महीने के बच्चे के साथ 'रेस्क्यू होम' में चुपचाप बैठी है.

वो बच्चा अपनी मां के साथ ख़ुश नजर आता है.

मटमैली सी सलवार कमीज में दुबली पतली गहरे रंग की चंद्रिका (बदला हुआ नाम) शुरू में किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहती.

वह हैदराबाद के आल्वाल कालोनी में एक झुग्गी में रहती हैं– अकेली और बेरोज़गार. तेलुगू बोलती है.

पुलिस ने पिछले दिनों उन्हें आल्वाल कॉलोनी के बोल्लारम मार्केट में अपने नौ महीने के बेटे को बेचने के आरोप में पकड़ा और फिर रेस्क्यू होम में ले आए.

पुलिस की नज़र

आल्वॉल के पुलिस निरीक्षक हरिकिशन ने कहा कि मां पर कड़ी नजर रखेंगे कि आइंदा इस तरह की घटना न हो.

पुलिस का कहना है कि वे सड़क पर बैठ कर राहगीरों से मनुहार कर रही थी कि कोई उनके बच्चे को एक लाख रूपए में खरीद लें.

रेस्कूय होम में बैठी महिला इस सवाल पर पहले कुछ नहीं बोलती हैं कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया

खाली दीवार को थोड़ी देर तक घूरते हुए हल्की धीमी आवाज में बिना उत्तेजित हुए कहती है, “मुझे रोजी रोटी के लिए बहुत मुश्किल हो रही है. इस बच्चे की देखभाल मैं नहीं कर सकती.”

'पति का धोखा'

साल 2010 में चंद्रिका ने रमेश (बदला हुआ नाम) नाम के एक व्यक्ति से शादी की थी. बिहार का रहने वाला रमेश एक होटल में काम करता था.

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Image caption स्थानीय पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया है

लेकिन बीते छह महीनों से रमेश के ठिकाने की उसे जानकारी नहीं है.

चंद्रिका भीख मांग कर और कभी मजदूरी कर अपना पेट पालती है.

वो कहती है कि जितना वो हर दिन कमाती है उससे वो दो पेट को नहीं पाल सकती थी इसीलिए अपने बच्चे को बेचना चाहती थी.

अभी फिलहाल मां और बच्चा दोनों ही रेस्क्यू होम में हैं.

रेस्क्यू होम के सुपरवाइजर ने कहा कि अगर मां अपने बच्चे को नहीं ले जाना चाहती तो उसको सरकार के शिशु विहार में भेज दिया जाएगा.

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