तबाही के निशान छोड़ गया हुदहुद

  • 13 अक्तूबर 2014
समुद्री तूफ़ान हुदहुद का असर इमेज कॉपीरइट Other

उखड़े हुए पेड़, उजड़े हुए घर और जहां-तहां बिखरा मलबा.

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में हुदहुद ये निशानी छोड़ गया है.

वैसे हुदहुद पूरी तरह से गया नहीं है.

तेज हवाएं अब भी चल रही हैं लेकिन लोग इस बात को लेकर राहत महसूस कर रहे हैं कि खतरा शायद टल गया है.

विशाखापत्तनम का हाल

इमेज कॉपीरइट Other

विशाखापत्तनम में मौसम शांत है और सब कुछ पहले जैसा लग रहा है लेकिन रोज़मर्रा की ज़िंदगी अब भी ठीक से पटरी पर नहीं लौट पाई है.

तूफानी हवाएँ 195 किलोमीटर की रफ्तार तक पहुँच गई थीं जिससे सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ है.

हुदहुद की वजह से विशाखापत्तनम शहर में कम से कम एक लाख घर प्रभावित हुए हैं.

ये तूफ़ान तट को पार कर गया है और फिलहाल इसका केंद्र छत्तीसगढ़ और उसके आस-पास के इलाकों में सिमट गया है.

बर्बादी

इमेज कॉपीरइट Other

अब भी आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं. विशाखा, विजयनगरम, श्रीकाकुलम ज़िलों में तूफ़ान की वजह से बड़ा नुक़सान हुआ है.

इन इलाकों में बड़े पेड़ उखड़ गए हैं जिनसे सड़कों पर अवरोध खड़ा हो गया है.

नेशनल हाइवे नंबर पांच और अन्य कई प्रमुख सड़कें मलबे और उखड़े हुए पेड़ों की वजह से अवरुद्ध हो गई हैं.

भारी बारिश और तूफ़ान के कारण तकरीबन 80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन प्रभावित हुई है. दूरसंचार सेवाएं पिछले 20 घंटों से बाधित हैं.

रात अंधेरे में

इमेज कॉपीरइट Other

हुदहुद का असर बिजली की आपूर्ति पर भी पड़ा है. आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में फ़सलों की भी बर्बादी हुई है.

यहां तक कि विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर वायु सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. वम्सधारा और अन्य नदियों में जल स्तर के बढ़ने से बाढ़ की आशंका है.

आंध्र के तटवर्ती इलाके में तूफ़ान प्रभावित तीन ज़िलों की बिजली आपूर्ति पिछले 24 घंटे से बंद कर दी गई है. विशाखापत्तनम के लोगों ने रात अंधेरे में काटी.

राज्य सरकार ने केंद्र से 2000 करोड़ रुपये की फौरी मदद मांगी है.

भुवनेश्वर की स्थिति

इमेज कॉपीरइट Other

समुद्री तूफ़ान हुदहुद अब कमज़ोर पड़ कर 'डीप डिप्रेशन' में तब्दील हो चुका है. अगले कुछ घंटों में इसके और कमज़ोर होने के आसार हैं.

उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ रहा तूफ़ान कल रात करीब साढ़े दस बजे ओडिशा की सीमा पार कर छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर गया.

कल दिन भर दक्षिणी ओडिशा के आठ ज़िलों में तेज हवाएँ चलीं और भारी बारिश हुई.

तूफ़ान से कोरापुट ज़िले में बहुत नुक़सान हुआ है. कई पेड़ गिर गए और बिजली के खम्भे उखड़ गए.

और सुधार

इमेज कॉपीरइट EPA
Image caption राहत शिविरों से लोगों को उनके घर भेजने का काम शुरू हो जाएगा.

हालांकि सोमवार सुबह केवल कंधमाल और गजपति को छोड़कर बाकी ज़िलों में बारिश बहुत हद तक कम हो गई है, जिससे बाढ़ का खतरा भी फिलहाल टल गया है.

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार दोपहर के बाद स्थिति में और सुधर आएगा.

विशेष राहत आयुक्त प्रदिप्त महापात्र के अनुसार तूफ़ान के मद्देनज़र जिन दो लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया था, उन्हें वापस उनके घरों में भेजने का काम शुरू हो जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार