कालाधन: 'जमाकर्ताओं के नाम नहीं बताएँगे'

  • 17 अक्तूबर 2014
भारत की सुप्रीम कोर्ट इमेज कॉपीरइट AFP

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह उन लोगों का विवरण नहीं दे सकती है, जिनके विदेशों में बैंक खाते हैं.

सरकार का कहना है कि यह दोहरे कराधान समझौते का उल्लंघन होगा. केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दाखिल हलफनामे में यह बात कही गई है.

केंद्र सरकार के हलफनामे पर सुप्रीम कोर्ट 28 अक्तूबर को सुनवाई करेगा.

सरकार की आलोचना

कालेधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी ने सरकार के इस कदम पर नाखुशी जताई.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कालेधन को चुनावी मुद्दा बनाया था.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशों में काला धन जमा करने वालों को बचाने का प्रयास कर रही है.

कांग्रसे के साथ-साथ अन्य विपक्षी दलों ने सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना की है.

लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कालेधन को चुनावी मुद्दा बनाया था. उसने कालेधन को वापस लाने का वादा किया था.

नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता संभालने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जस्टिस एमबी शाह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार