सामना: 'लहर में पानी कम, फेन ज़्यादा'

  • 20 अक्तूबर 2014

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों पर शिवसेना के मुखपत्र 'सामाना' ने अपने संपादकीय में लिखा है कि इस बार 'स्पष्ट जनादेश नहीं आया'.

इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 122 सीटें हासिल करने में कामयाब रही. भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद शिवसेना इस चुनाव में दूसरे नंबर की पार्टी रही. पार्टी को 63 सीटों पर जीत मिली हैं.

इस पर सामना का संपादकीय कहता है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत लगभग सारा सत्ता संस्थान ही हमारे ख़िलाफ़ मैदान में उतर गया था. दूसरी ओर कांग्रेस और राष्ट्रवादी के मदमस्त सत्ताधारी हमारे ख़िलाफ़ उतरे हुए थे. दो मदमस्त सत्ताधारियों से संघर्ष करते हुए शिवसेना के शेर ने जो लक्ष्य हासिल किया वह महत्वपूर्ण है."

कांग्रेस-एनसीपी को फ़ायदा

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सामना ने शिवसेना के प्रदर्शन के बारे में लिखा है कि पार्टी आखिरी लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी. संपादकीय के मुताबिक, "इस लड़ाई में शिवसेना आखिरी लक्ष्य भले ही हासिल नहीं कर सकी किंतु वह एक सम्मानजनक चरण तक पहुंची."

शिवसेना के संपादकीय का शीर्षक है- जश्न मनानेवालो!

इस संपादकीय में लिखा है, "प्रचार के दौरान हमें एक जबरदस्त लहर दिखाई दी थी. उस लहर का पानी किनारे पहुंचने से पहले समुद्र में घुल गया. कुछ जगहों पर लहर में पानी कम और फेन अधिक दिखाई दिया."

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शिवसेना का निशाना शायद राज्य में 'मोदी की लहर' पर है. संपादकीय में ये भी लिखा है कि शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन टूटने का सबसे ज़्यादा लाभ कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को हुआ है.

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