जेठमलानी, विपक्ष ने सरकार को लताड़ा

  • 27 अक्तूबर 2014
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काला धन मामले पर भारत के विपक्षी दलों ने भारत सरकार से सभी नाम सार्वजनिक करने की माँग की है.

भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में उन तीन लोगों के नाम पेश किए जिनके विदेश में कथित तौर पर ग़ैर-क़ानूनी बैंक खाते हैं.

इस मामले में याचिकाकर्ता वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि सरकार का रवैया निराशाजनक है.

उन्होंने कहा, "मैं बहुत दुखी और निराश हूँ लेकिन मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है".

जेठमलानी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच में दो रिटायर्ड जजों की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसआईटी) बनाई है, जो जांच करेगी. सरकार को जांच का कोई अधिकार नहीं है."

कांग्रेस की चुनौती

भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी का कहना है कि सभी नामों को जारी करने के लिए कोई कानूनी बाध्यता नहीं है.

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Image caption कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अरुण जेटली को सभी नाम बताने की चुनौती दी है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह सूची फ़्रांस और जर्मनी की सरकारों से मिली है. स्वामी के मुताबिक उन्होंने भी बैंक कर्मचारियों को घूस देकर इसे हासिल किया था.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं अरुण जेटली को चुनौती देता हूं कि वह सभी नामों को सामने लाएं."

सीपीआई नेता डी राजा ने भी सरकार से भी सभी नामों को सामने लाने की मांग की है.

सरकार द्वारा आज सुप्रीम कोर्ट में दी गई सूची में शामिल राजकोट के कारोबारी पंकज चिमनलाल लोढ़िया ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, "मेरा कोई स्विस अकाउंट नहीं है. मुझे तो अभी आप (पत्रकारों) से पता चल रहा है ऐसा है. मैंने अपनी सारी संपत्ति की घोषणा कर दी है."

उन्होंने कहा कि वह अभियोजन पक्ष के आरोपों का अदालत में जवाब देंगे.

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