भारत इबोला से 'निपटने के लिए तैयार है'

  • 28 अक्तूबर 2014
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्द्धन इमेज कॉपीरइट PIB

भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि देश इबोला के ख़तरे से निपटने लिए पूरी तरह से तैयार है.

हर्षवर्धन के अनुसार देश के 18 हवाई अड्डों पर इबोला वायरस का पता लगाने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाए गए हैं.

बीबीसी हिंदी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस बीमारी की रोकथाम के लिए इन 18 हवाई अड्डों पर थर्मल स्कैनर लगाये गए हैं ताकि अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की जांच की जा सके.

बंदरगाहों पर भी ऐसे ही उपाय किए जा रहे हैं और स्वास्थ्य कर्मियों को इससे निपटने के लिए ट्रेनिंग दी गई है.

एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के अलावा इमिग्रेशन स्टाफ इबोला पीड़ित देशों से भारत आने वाले यात्रियों पर नज़र रख रहा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक दुनियाभर में 10 हज़ार से अधिक लोगइबोला से पीड़ितहो चुके हैं और 4,900 व्यक्तियों की अब तक इससे मृत्यु हो चुकी है.

ज़ुबैर अहमद की रिपोर्ट

इमेज कॉपीरइट Reuters

पेशे से खुद भी डॉक्टर हर्षवर्धन का कहना है कि भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के बताए गए उपायों से पहले ही इसकी रोकथाम के उपायों पर अमल शुरू कर दिया था.

उन्होंने बताया, "हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के बताए तरीकों पर चल रहे हैं और इससे भी अधिक ठोस क़दम उठाए जा रहे रहे हैं."

उनका कहना है कि इबोला पीड़ित देशों से आए यात्रियों के उस देश से विमान पर चढ़ने और यहां उतरने तक उन पर नज़र रखने के उपाए किए गए हैं.

वे कहते हैं, "हम भारत आने वाले सभी विमानों में ये ऐलान करवा रहे हैं कि यात्री इबोला के बारे में शक होने पर अधिकारियों को सूचित करें."

आर्थिक मदद

इमेज कॉपीरइट AFP

भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इबोला पूरी दुनिया के लिए एक ख़तरा है. इस खतरे को भारत तक न आने देने के लिए उनकी सरकार ने काफी पहले से सक्रिय क़दम उठाना शुरू कर दिया था.

उन्होंने बताया, "हमने अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में इबोला का पता लगाने से लेकर इसके इलाज तक की तैयारी कर रखी है."

हर्षवर्धन के मुताबिक़ भारत की इन कोशिशों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने काफी प्रशंसा की है. भारत ने अफ़्रीकी देशों में इस बीमारी से निपटने के लिए 12 मिलियन डॉलर या तकरीबन 73 करोड़ रुपये की मदद की है.

वे कहते हैं, "हमसे अगर किसी ने मदद मांगी तो हम स्वास्थ्यकर्मी और दूसरी सविधाएं देने के लिए भी तैयार हैं."

वायरस का शक

इमेज कॉपीरइट spl

भारत में अब तक इबोला का कोई केस सामने नहीं आया है, लेकिन अफ्रीका से आए कई यात्रियों को शक की बुनियाद पर अलग-थलग रखने का काम कई बार किया गया है और उन पर नज़र रखी जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री ने ऐसे लोगों की संख्या नहीं बताई. लाइबेरिया से आई एक भारतीय सुरक्षाकर्मी पर इबोला वायरस का शक होने पर उन्हें हवाई अड्डे पर ही बने इबोला वार्ड में रखकर उनकी निगरानी की जा रही है.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption इबोला का प्रकोप प्रमुखतः अफ़्रीका में अधिक देखा गया है.

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया और तीन दूसरे अस्पतालों में इबोला मरीज़ों के लिए अलग बिस्तरों का इंतज़ाम कर लिया गया है और स्वास्थ्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है.

इसी तरह के क़दम देश के दूसरे बड़े अस्पतालों में भी किए गए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार