केरल: चार सितारा होटल में भी मिलेगी शराब

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केरल हाई कोर्ट ने शराबबंदी के राज्य सरकार के फ़ैसले को बरक़रार रखा है लेकिन इससे जुड़ी नीति में थोड़ा सा बदलाव किया है.

सरकार ने सिर्फ़ पांच सितारा रेस्त्राओं में ही शराब परोसने की इजाज़त दी थी, जबकि अदालत ने अब चार सितारा रेस्त्राओं को भी इसमें शामिल कर लिया है.

केरल बार और रेस्त्रां संघ के प्रवक्ता के अनुसार, हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद बाक़ी सभी रेस्त्राओं में 'गुरुवार शाम से ही' शराब बिक्री पर रोक लग जाएगी.

केरल के आबकारी मंत्री के बाबू ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''अब केरल के कुल 32 होटलों में शराब मिलेगी जिनमें चार सितारा, पांच सितारा और हेरिटेज होटल शामिल हैं.''

होटल और पर्यटन उद्योग

दूसरी तरफ़ केरल के होटल और रेस्त्रां संघ ने हाई कोर्ट के इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करने का फ़ैसला किया है.

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केरल बार और रेस्त्रां संघ अध्यक्ष जी सुधीश कुमार ने बीबीसी से कहा, ''हम इस फैसले से खुश नहीं हैं. इसका असर यहां के होटल और पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा.’’

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ़) सरकार ने चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी की पहल की है.

इस पहल की शुरुआत बार वाले रेस्त्राओं में शराब की बिक्री पर रोक से की जा रही है. चरणबद्ध तरीके से होने वाली शराबबंदी के कारण शराब की 10 फीसदी सरकारी दुकानों को भी बंद करना होगा.

सरकार ने नियमित रूप से शराब पीने वालों की आदत छुड़ाने के लिए शराब और बियर पार्लर में लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है.

'पैसों की समस्या नहीं'

एरनाकुलम के सरकारी मेडिकल कॉलेज के अध्ययन के मुताबिक़ केरल में बच्चे साढ़े 13 साल की उम्र में ही शराब पीना शुरू कर देते हैं, जबकि देश के दूसरे हिस्सों में यह उम्र औसतन चार साल अधिक है.

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Image caption उच्च न्यायालय के मुताबिक 32 चार सितारा, पांच सितारा और हेरिटेज होटलों में ही शराब मिलेगी.

केरल को शराब बिक्री से हर साल राजस्व के रूप में 9000 करोड़ रुपए की आमदनी होती है.

आबकारी मंत्री बाबू का कहना है, ''समस्या पैसों की नहीं है. इसका असर भविष्य पर पड़ेगा. हमें अतिरिक्त साधनों की तलाश करनी होगी.''

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