एकता का सन्देश दे गए ये ताज़िए

  • 4 नवंबर 2014

दिल्ली में तमाम आशंकाओं के बावजूद मोहर्रम के जुलूस शांतिपूर्वक निकाले गए.

ख़ास आशंकाएं दिल्ली के सबसे बड़े गांव बवाना को लेकर थी जहां पिछले दिनों एक महापंचायत में ताज़िए निकालने के ख़िलाफ़ उग्र बयान दिए गए थे. इसके अलावा त्रिलोकपुरी इलाके में पिछले दिनों हुए सांप्रदायिक तनाव की वजह कई चिंताएं थीं.

लेकिन मंगलवार को बवाना में मोहर्रम के मौक़े पर मुसलमानों और हिन्दुओं के बीच पूरी एकता दिखी तो त्रिलोकपुरी में भी हिन्दू समाज के लोगों ने ताज़ियों के जुलुस की अगुवाई की.

अंकुर जैन की रिपोर्ट

बवाना की जेजे कालोनी में जहां एक और ताज़िए का जुलूस निकल रहा था, वहीं दूसरी और हिन्दू समुदाय के लोग लोगों को शरबत पिला रहे थे.

वहां रहने वाले ब्रह्मदेव यादव कहते है, "मैं पिछले कई साल से मोहर्रम पर लोगों को शरबत पिलाता आया हूँ और यह मुझे अच्छा लगता है. हमारी बस्ती में हिन्दू या मुसलमान जैसी कोई बात नहीं."

इसी कालोनी में रहने वाले अध्यापक श्याममूर्ति कहते है, "पंचायत ने जो ताज़िए को लेकर आपत्ति जताई थी, वह बेबुनियाद है. अगर उनके पास सबूत है तो पेश करें. इस तरीके की बातें लोग राजनेताओ के इशारे पर करते है और अब आने वाले दिनों में दिल्ली के चुनाव है तो ऐसे कई मामले आएंगे."

पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनने वाले मोहर्रम को भारतीय संस्कृति के ख़िलाफ़ बताते हुए पंचायत ने उनके इलाके में जुलूस को दाखिल न होने देने की धमकी दी थी.

इस पंचायत में बीजेपी के बवाना से मौजूदा विधयक गुग्गन सिंह और कांग्रेस के पार्षद देवेन्द्र कोणी भी मौजूद थे.

'एकता ने दिया जवाब'

वहीं त्रिलोकपुरी में हिन्दू समुदाय के लोगों ने ताज़िए के जुलुस की अगवाई की.

अमन कमिटी की सदस्या वीणा शर्मा ने कहा, "त्रिलोकपुरी में डर का माहोल था. पर मोहल्ले की अमन समिति ने घर घर जा जाकर कहा कि ताज़िए में शरीक हों, कुछ नहीं होगा. समिति में हिन्दू और मुसलमान दोनों हैं."

उन्होंने कहा, "पुलिस ने भी हमारा साथ दिया और आज हिन्दू और मुसलमान, दोनों ने मिल कर ताज़िया निकाला."

त्रिलोकपुरी में रहने वाले वकील आदिकेशवन कहते है, "राजनेता हमारे बीच में दरार डालने के लिए ऐसी पंचायत और हिंसा कराते हैं लेकिन हमारी एकता ने उन्हें मुंह तोड़ जवाब दे दिया है."

त्रिलोकपुरी दंगों में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है. दंगों में तीन दर्जन से भी ज़्यादा लोग और पुलिस वाले घायल हुए थे.

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