नसबंदी मामलाः मंत्री ने ली ज़िम्मेदारी

  • 11 नवंबर 2014
छत्तीसगढ, नसबंदी महिलाएँ इमेज कॉपीरइट Alok Putul
Image caption अस्पताल में भर्ती महिलाओ के परिजन अस्पताल के बाहर इंतजार करते हुए.

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने नसबंदी ऑपरेशन के दौरान हुई 11 महिलाओं की मौत की नैतिक ज़िम्मेदारी ली है और आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है.

उन्होंने बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा से कहा कि विभाग का प्रमुख होने के नाते किसी भी अच्छी या बुरी घटना की नैतिक जिम्मेदारी मंत्री की होती है.

विपक्ष ने उनके इस्तीफ़े की मांग की है, लेकिन बीबीसी के इस बारे में पूछे गए सवाल को वे टाल गए.

सोमवार को राज्य के बिलासपुर में एक नसबंदी चिकित्सा शिविर में हुए ऑपरेशन के बाद इन महिलाओं की मौत हुई. चिकित्सकों के अनुसार लगभग 30 महिलाओं की हालत गंभीर है.

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अग्रवाल ने कहा, "प्रथम दृष्टया जो डॉक्टर इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और जाँच चल रही है."

राज्य सरकार ने इस मामले में चार डाक्टरों को निलंबित कर दिया है. राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह को पद से हटा दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

दिशा-निर्देशों की अनदेखी

शनिवार को बिलासपुर के पेंडारी में एक सरकारी शिविर लगा था. ग्रामीणों का दावा है कि शिविर में एकमात्र डॉक्टर ने अपने सहयोगी के साथ महज़ छह घंटे में 83 महिलाओं का ऑपरेशन किया.

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स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि नसबंद ऑपरेशन की प्राथमिक जाँच के अनुसार सरकार के दिशा-निर्देशों की अनदेखी हुई.

स्वास्थ्य मंत्री ने 'एक्सपायर्ड' दवाओं के प्रयोग की ख़बर पर कहा कि प्राथमिक जाँच में ऐसा नहीं पाया गया है.

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से बातचीत के बाद उन्हें पता चला कि यह घोर लापरवाही का मामला है.

अग्रवाल ने कहा कि वो घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे.

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