तृणमूल सांसद ने की ख़ुदकुशी की कोशिश

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पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शारदा चिट फंड घपले के प्रमुख अभियुक्तों में से एक कुणाल घोष ने कोलकाता प्रेसीडेंसी जेल में खुदकुशी की कोशिश की है.

कुणाल घोष शारदा मीडिया समूह के प्रमुख थे और उन्हें पूछताछ के बाद पुलिस ने पिछले साल गिरफ्तार किया था.

कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस से राज्य सभा के सदस्य हैं लेकिन गिरफ्तारी के बाद से ही वे पार्टी से निलंबित हैं.

घोष को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है.

72 घंटों के भीतर खुदकुशी

कुणाल घोष ने तीन दिन पहले ये धमकी दी थी कि अगर 72 घंटों के भीतर 'चिट फंड घोटाले में शामिल अन्य हाइ-प्रोफाइल लोगों' को हिरासत में नहीं लिया गया तो वह खुदकुशी कर लेंगे.

उन्होंने ये धमकी शारदा चिट फंड घोटाले की न्यायिक सुनवाई के दौरान दी थी.

कुणाल घोष ने घोटाले की सीबीआई जांच में भी कथित पक्षपात का आरोप लगाया था.

धमकी के बाद 72 घंटे पूरे होते ही घोष ने नींद की कई गोलियां खाकर खुदकुशी की कोशिश की.

नींद की 58 गोलियां

कोलकाता प्रेसीडेंसी जेल के सूत्रों का कहना है कि कुणाल घोष की कोठरी से नींद की 58 गोलियां बरामद की गई हैं.

Image caption सुमित्रो पश्चिम बंगाल के चिट फंड घोटाले के पीड़ितों में से हैं.

हालांकि ये पता लगाना मुश्किल है कि कुणाल ने कितनी गोलियां खाईं हैं.

जेल के अतिरिक्त महानिदेशक अधीर शर्मा ने कहा, “कुणाल घोष को सुबह ही एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया है. वे फिलहाल होश में हैं.”

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार शुरू में कुणाल की नाड़ी गंभीर रूप से असामान्य थी. लेकिन डॉक्टरों के उनका पेट साफ करने के बाद हालत में सुधार आना शुरू हुआ.

फिलहाल उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है. उनकी हालत पर अस्पताल का मेडिकल बोर्ड नजर बनाए हुए है.

कंपनी और अधिकारियों के बीच गठजोड़

एक ओर अस्पताल में कुणाल घोष का इलाज चल रहा है तो दूसरी ओर जेल के भीतर की सुरक्षा और सतर्कता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

पुलिस सूत्रों का कहना है, “ये जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे इस तरह के हाइ-प्रोफाइल कैदी की सुरक्षा सुनिश्चित करें. वह भी तब जब खुदकुशी की बकायदा धमकी दी गई थी.”

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Image caption कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री पर कंपनी से फायदा लेने का आरोप लगाया था.

तीन दिन पहले कुणाल घोष के धमकी दिए जाने के बाद ही न्यायाधीश ने जेल के अधिकारियों को घोष की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की हिदायत दी थी.

कुछ महीने पहले जब सीबीआई ने ये मामला अपने हाथों में लिया था तब केंद्रीय एजेंसी ने चिट फंड कंपनी शारदा समूह के मालिक सुदीप्तो सेन और दूसरे पदाधिकारियों सहित कुणाल घोष को अपने हिरासत में ले लिया था.

पूछताछ के पहले और बाद में घोष ने मीडिया के सामने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष अधिकारियों पर शारदा ग्रुप से फायदा लेने के आरोप लगातार लगाए थे.

उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है.

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