जी-20 में काले धन पर बोले मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में रविवार को काले धन और कर चोरी का मुद्दा उठाया.

मोदी ने आर्थिक मुद्दे पर बहस में हिस्सा लेते हुए काले धन की चुनौती से निपटने के लिए आपसी सहयोग को ज़रूरी बताया और कहा कि इसके लिए वैश्विक सामंजस्य की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि सूचनाओं को स्वतः साझा करने का वैश्विक मानक बनाने की पहल का भारत समर्थन करता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि काले धन पर अंकुश लगाकर 'आतंकवाद' और ड्रग तस्करी को रोका जा सकता है.

उन्होंने कहा कि सभी देशों को काले धन पर कार्रवाई करने की ज़रूरत है क्योंकि यह केवल कर चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इस धन का उपयोग कहीं न कहीं 'आतंकवाद' और तस्करी में भी होता है.

घोषणा पत्र

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Image caption ब्रिसबेन घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

जी-20 शिखर सम्मेलन रविवार को समाप्त होगा और इसलिए ब्रिसबेन घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

भारत की कोशिश है कि घोषणा पत्र में बैंक खातों की सूचनाओं के स्वतः साझा किए जाने का मुद्दा भी शामिल हो.

शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिक्स देशों के प्रमुखों की भी बैठक हुई. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स बैंक के 2016 तक शुरू होने की उम्मीद जताई.

उन्होंने कहा, "यह बैंक आधारभूत संरचनाओं को खड़ा करने में मददगार साबित होगा."

हिस्सेदारी

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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ब्रिसबेन में एक संवाददाता सम्मेलन में शिखर सम्मेलन को भारत की हिस्सेदारी को सफल बताया.

उन्होंने कहा कि कर चोरी, काला धन, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद और ड्रग तस्करी के मामलों को भारत ने ज़ोरदार तरीक़े से उठाया और अधिक संभावना है कि घोषणा पत्र इनमें से अधिकांश मुद्दों को शामिल किया जाए.

प्रधानमंत्री ने कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफ़न हार्पर, फ़्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद, जर्मनी की चांसलर एंगेला मार्केल और सऊदी अरब के शहजादे सुल्तान बिन अब्दुल अजीज से द्विपक्षीय मुलाक़ात की.

मोदी ब्रिसबेन में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे.

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