धर्मनिरपेक्षता देश के लिए ज़रूरी: सोनिया

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भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 125वीं जयंती के मौके पर आयोजित दो दिवसीय समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि देश के लिए धर्मनिरपेक्षता बेहद जरूरी है.

सोनिया ने कहा, "धर्मनिरपेक्षता के बिना कोई भारतीयता संभव नहीं है. यह एक विचारधारा से बढ़ कर है. यह भारत जैसे विविधता वाले देश के लिए बेहद जरूरी है."

सोनिया गांधी ने याद दिलाते हुए कहा कि जवाहर लाल नेहरू ने एक बार कहा था कि अगर देश में धर्मनिरपेक्षता को कोई ख़तरा होता है तो वे आख़िरी दम तक धर्मनिरपेक्षता को कायम रखने के लिए संघर्ष करेंगे.

सोनिया ने अपने भाषण में आधुनिक भारत में नेहरू के योगदान का जिक्र भी किया.

मोदी को आमंत्रण नहीं

नेहरू के योगदान को याद करने करने वाले इस समारोह में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेता पहली बार एक मंच पर दिखाई दिए.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात के साथ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी समारोह में मौजूद थीं. साथ ही इस कार्यक्रम में जनता दल (यू) के अध्यक्ष शरद यादव भी मौजूद थे.

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कांग्रेस की ओर से इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित नहीं किया गया था.

वहीं दूसरी जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार, राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के भी शामिल होने की संभावना है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी इस आयोजन में भाग लेने की पुष्टि की है.

समारोह में अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, घाना के पूर्व राष्ट्रपति जॉन कुफ़ोर, नेल्सन मंडेला के प्रमुख सहयोगी अहमद कथराडा और पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता असमा जहांगीर भी शामिल हुए हैं.

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