इबोला संक्रमण: भारतीय युवक को अलग रखा गया

  • 18 नवंबर 2014
इबोला (फ़ाइल फोटो) इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption इबोला से सबसे ज़्यादा प्रभावित है अफ़्रीकी देश लाइबेरिया

इबोला वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित अफ्रीकी देश लाइबेरिया से आए एक युवक को दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर अलग थलग रखा गया है.

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस युवक का लाइबेरिया में इबोला का इलाज किया गया था और वहां की सरकार से बीमारी ठीक होने का प्रमाण पत्र भी उसे मिला है.

लेकिन उसके वीर्य के नमूने में इस संक्रमण के कुछ अंश अब भी मौजूद थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि इस 26 वर्षीय भारतीय युवक का विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों के अनुरूप अनिवार्य परीक्षण किया गया.

परीक्षणों में युवक को इबोला नहीं पाया गया, लेकिन हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद एहतियातन अलग रखा गया था.

बाद में उसके वीर्य के परीक्षण में इबोला वायरस के कुछ अंश मिले.

बयान के मुताबिक, "इबोला वायरस का इलाज होने के बाद व्यक्ति के कुछ शारीरिक द्रव्यों में कुछ समय के लिए इसके अंश बने रहते हैं. अगर किसी व्यक्ति के वीर्य में इसके अंश बने रहते हैं तो इलाज होने के 90 दिनों तक ये बीमारी यौन क्रिया के द्वारा दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकती है."

मंत्रालय के अनुसार, "स्थिति नियंत्रण में हैं और किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि इस बारे में सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं."

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