100 महीने में पैसे डबल

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भारत सरकार ने किसान विकास पत्र योजना फिर से शुरू कर दी है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को दिल्ली में इस योजना को दोबारा शुरू करते हुए कहा कि सरकार ने बचत को प्रोत्साहन देने के लिए ये फ़ैसला किया है.

भारत में वित्त वर्ष 2013 में बचत दर जीडीपी के 7.1 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी, जबकि वित्त वर्ष 2010 में यह 12 प्रतिशत के स्तर पर थी.

पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने 2011 में यह योजना बंद कर दी थी. यह योजना पहली बार 1988 में लागू की गई थी

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Image caption किसान विकास पत्र को बाद में बैंकों के ज़रिये बेचने की भी योजना है

किसान विकास पत्र की कुछ ख़ासियतें

  • आठ साल चार महीने में रक़म दोगुनी.
  • निवेश की कोई सीमा नहीं.
  • कम से कम 1000 रुपये का किसान विकास पत्र.
  • किसान विकास पत्र 1000, 5000, 10,000 और 50,000 रुपये के मूल्य में उपलब्ध.
  • योजना के तहत सालाना 8.7 प्रतिशत का ब्याज.
  • दूसरों को स्थानांतरण की भी सुविधा.
  • ढाई साल तक भुना नहीं सकते.
  • इसके बाद 6-6 महीने में भुनाया जा सकता है.
  • अभी सुविधा पोस्ट ऑफ़िस में, बाद में बैंक में भी उपलब्ध.

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