देर रात हुई रामपाल की गिरफ़्तारी

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हरियाणा के बरवाला के सतलोक आश्रम से बाबा रामपाल को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि हिसार के डीएसपी विनोद कुमार ने बीबीसी हिंदी से की.

पुलिस एक एंबुलेंस में रामपाल को चंडीगढ़ ले गई है. जहां सबसे पहले उनका मेडिकल टेस्ट होगा.

हरियाणा पुलिस और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के संयुक्त अभियान में रामपाल को गिरफ़्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक पुलिस मानव चेन बनकर आश्रम के अंदर पहुंची और रामपाल को पकड़ने में कामयाब हुई.

मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने बताया, "सतलोक आश्रम के आसपास पुलिस काफी संख्या में मौजूद है. पुलिस की कई गाड़ियां आश्रम वाली सड़क पर हैं."

रामपाल हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए थे जिसके बाद आश्रम में मौजूद उनके समर्थकों ने हरियाणा पुलिस के साथ संघर्ष का रास्ता चुना.

इसी के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.

'अंदर जाना बहुत मुश्किल था'

हिसार में डीएसपी विनोद कुमार ने बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह को बताया, "रामपाल को नौ बजकर पंद्रह मिनट पर गिरफ़्तार किया. उन्हें चंडीगढ़ ले जाया जा रहा है. दो दिन हमने सिर्फ़ भक्तों को ही बाहर निकाला. श्रद्धालु भी आक्रोश में थे. हमारे सामने बहुत चुनौतीपूर्ण स्थिति थी. आश्रम की दीवारें बहुत ऊँची थी. अंदर जाना बहुत मुश्किल था."

उन्होंने बताया, "आज अंदर कम ही श्रद्धालु रह गए थे. एक छोटा गेट था जिससे श्रद्धालु बाहर निकल रहे थे हमने उसी से अंदर प्रवेश किया."

भारी संख्या में श्रद्धालुओं के मौजूद होने पर उन्होंने कहा, "अदालत के वॉरंट के बाद तीन दिन का सत्संग रखकर श्रद्धालुओं को इकट्ठा किया गया था. रामपाल की गिरफ़्तारी रोकने के नाम पर श्रद्धालुओं को आश्रम में ही रोक लिया गया था."

पुलिस के बल प्रयोग के नाम पर उन्होंने कहा, "पुलिस ने बहुत सीमित बल प्रयोग किया है. पुलिस ने कोई फ़ायरिंग या लाठीचार्ज नहीं किया."

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आश्रम से हज़ारों की संख्या में रामपाल के समर्थकों को हटाया गया. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट करके कहा था कि रामपाल की गिरफ़्तारी तक कार्रवाई जारी रहेगी.

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क़ानून की नज़र में रामपाल फिलहाल एक अभियुक्त हैं जिनके ख़िलाफ गैर ज़मानती वारंट जारी हुआ है.

2006 के एक हत्या के मामले में 2008 में रामपाल को ज़मानत मिली थी. लेकिन उसके बाद से वे एक बार भी अदालत में पेश नहीं हुए हैं.

कई संगीन आरोप

अगस्त 2014 में हिसार ज़िला अदालत में उनके समर्थकों ने काफ़ी हुड़दंग मचाया था. जिसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत:संज्ञान लेते हुए उन्हें अदालत में पेश होने को कहा था और पूछा था कि उनकी ज़मानत क्यों न रद्द कर दी जाए.

सोनीपत के धनाणा गांव में 1951 को जन्मे रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे.

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नौकरी के दौरान ही रामपाल दास सत्संग करने लगे और 'संत रामपाल' बन गए. हरियाणा सरकार ने उन्हें 2000 में इस्तीफा देने को कहा. उसके बाद रामपाल ने करोंथा गांव में सतलोक आश्रम बनाया. जो फ़िलहाल सरकार के क़ब्ज़े में हैं.

हरियाणा में हिसार के पास बरवाला में स्थित इस आश्रम की ज़मीन को लेकर रामपाल पर कई आरोप लगे हैं.

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