ताज से क्या चाहते हैं आज़म?

  • 21 नवंबर 2014
आज़म ख़ान

उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मोहम्मद आज़म खान ने एक बार फिर ताजमहल को लेकर विवादित बयान दिया है.

इस बार उनकी मांग है कि ताजमहल को सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को दिया जाना चाहिए और वहाँ नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी जानी चाहिए.

आज़म ख़ान इससे पहले ताज को तोड़ने की बात कह चुके हैं और उसे महज़ एक कब्रिस्तान करार दे चुके हैं.

पुराने बयान

आज़म खान ने कहा है कि ताजमहल में मस्जिद हैं और वहाँ मुसलमानों की कब्रें हैं, इसलिए वह सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की जायदाद है. इसलिए उस पर पुरातत्व विभाग का हक़ नहीं बनता.

उन्होंने यह भी कहा कि इससे होने वाली सारी आमदनी वक़्फ़ को मिलनी चाहिए और मुसलमानों के विकास पर खर्च की जानी चाहिए.

ताजमहल में पर्यटन से हर वर्ष लगभग 72 करोड़ रुपये की आमदनी होती है.

इसमें से 50 करोड़ रुपये आगरा विकास प्राधिकरण को और 21. 81 रुपये भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को मिलते हैं. यहां हर महीने 10 लाख सैलानी आते हैं, जिनमें से 1 .5 लाख विदेशी होते हैं.

आज़म खान ने 2013 में यह भी कहा था कि अगर ताजमहल को गिराने की बात होगी तो "मैं सबसे आगे चलूंगा."

उस वक़्त उन्होंने कहा था कि किसी भी हुकूमत को आम अवाम के ख़ज़ाने से अपनी महबूबा की कब्र बनाने का हक़ नहीं है.

2005 में आज़म ख़ान ने ताजमहल को दो कब्रों वाला कब्रिस्तान कहा था.

प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा, "आज़म खान मुंगेरी लाल जैसे सपने देखना बंद कर दें, यह सपना कभी पूरे नहीं होंगे. हमारा तो कहना है कि यह महाराजा जय सिंह का बनवाया हुआ, जिसे शाहजहां ने उनसे ख़रीदा था."

बाजपेयी का मत है कि ताजमहल एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है और उसे अन्य वक़्फ़ संपत्तियों की तरह बिकने नहीं दिया जाएगा. इसलिए वह जिसके संरक्षण में है, सही है.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बहुजन समाज पार्टी के स्वामी प्रसाद मौर्य कहते हैं, "ताजमहल एक अजूबा है और यहां देश-विदेश से लाखों सैलानी आते हैं. इस तरह के स्थानों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए."

शिया मौलाना कल्बे जव्वाद कहते हैं कि वक़्फ़ बोर्ड की हालत इतनी खराब है कि "अगर ताजमहल उसे दिया गया तो ख़त्म हो जाएगा. खुद आज़म खान की नाक के नीचे सब धांधली हो रही है."

हालांकि मौलाना जव्वाद भी कहते हैं कि वहां नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मिलनी चाहिए.

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