छत्तीसगढ़: ग़ैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नसबंदी शिविर के बाद संरक्षित बैगा आदिवासी महिला चैती बाई की मौत के मामले में पुलिस ने शनिवार को चिकित्सक दल पर ग़ैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया जाएगा.

पेंड्रा के थाना प्रभारी ने कहा, “प्राथमिकी में किसी का नाम नहीं दर्ज किया गया है. जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि ऑपरेशन के दौरान कौन-कौन ऑपरेशन में शामिल था. उसके बाद सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ नामज़द रिपोर्ट दर्ज की जाएगी.”

ग़ौरतलब है कि बिलासपुर के पेंडारी में आयोजित एक नसबंदी शिविर में 83 महिलाओं की नसबंदी की गई थी. बाद में बिलासपुर के ही पेंड्रा इलाक़े में दो दर्जन संरक्षित बैगा आदिवासी महिलाओं की भी नसबंदी की ख़बर सामने आई और उन्हें भी बिलासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था.

संरक्षित जनजाति

Image caption जांच के बाद नामज़द रिपोर्ट दर्ज होगी

राज्य में पांच संरक्षित जनजातियों की इस तरह से नसबंदी पर रोक है. इसके बाद भी सरकारी शिविर में बैगा आदिवासियों की नसबंदी की गई.

इन्हीं में से एक बैगा महिला चैती बाई की अस्पताल में मौत हो गई थी.

इस मामले में चैती बाई के पति ने स्थानीय अदालत में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से लेकर ग्राम स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ धोखे में रख कर नसबंदी ऑपरेशन करने और उसी दौरान पत्नी की मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज करने का प्रतिवाद दायर किया था.

चैती बाई के पति बुद्धु सिंह ने कहा, “जिन लोगों ने मेरी पत्नी को मारा है, मैं उनके ख़िलाफ़ अंतिम समय तक लड़ाई लड़ूंगा. मैं बिना किसी से डरे हुए, अपने दोनो छोटे बच्चों के लिए अपनी लड़ाई लड़ूंगा.”

अब अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

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