हंगामेदार होगा आज से शुरू हो रहा शीत सत्र?

भारतीय संसद इमेज कॉपीरइट Reuters

सोमवार से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र काले धन के मुद्दे और बीमा विधेयक के विरोध के कारण हंगामेदार रह सकता है.

सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई.

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अहम मुद्दों पर संसद मिलजुल कर आगे बढ़ेगी.

हालांकि ऐसा होने के आसार कम ही नज़र आ रहे हैं.

कांग्रेस ने जहां कालेधन के मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की तैयारी की है वहीं बीमा विधेयक के विरोध में तृणमूल कांग्रेस, वामदल, जदयू, राजद, सपा और बसपा एकजुट हो गए हैं.

इमेज कॉपीरइट epa
Image caption नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अहम मुद्दों पर मिलजुल कर आगे बढ़ा जाएगा.

मनरेगा और भूमि अधिग्रहण विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों पर भी हंगामा हो सकता है.

सपा और तृणमूल कांग्रेस रविवार को हुई संसदीय बैठक से भी नदारद रहीं.

सरकार को घेरने की तैयारी

सत्र शुरू होने से पहले सोमवार को भी वेंकैया नायडु ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. तृणमूल ने इसमें शामिल होने से भी इंकार किया है.

तृणमूल का कहना है कि वह संसद में कालेधन, सांप्रदायिकता, केंद्र सरकार के सौ दिनों के कामकाज और राजनीतिक द्वेष का मुद्दा ज़ोर शोर से उठाएगी.

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद होने वाले इस पहले सत्र में कुल 22 बैठकों होंगी और यह 23 दिसंबर तक चलेगा.

कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी बीमा और जीएसटी विधेयक पर भाजपा की कथनी-करनी को उजागर करेगी.

वहीं भाजपा का कहना है कि सरकार विपक्ष के साथ चर्चा करेगी और समन्वय के साथ आगे बढ़ेगी.

संसद के कामकाज का लेखा-जोखा रखने वाली शोध संस्था पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के मुताबिक़ सदन में फ़िलहाल 67 विधेयक लंबित हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार