युवकों पर गोलीबारी की सैन्य जाँच पूरी

  • 27 नवंबर 2014
भारतीय सैनिक, जम्मू-कश्मीर, भारत इमेज कॉपीरइट EPA

भारत प्रशासित कश्मीर में इस महीने की शुरुआत में सेना की गोलीबारी में मारे गए दो युवकों के मामले में सेना की कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.

सेना ने इन युवकों के मारे जाने के बाद एक प्रेस वार्ता में मौत की ज़िम्मेदारी लेते हुए एक जाँच कमेटी का गठन किया था.

हालांकि अभी विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है. सेना के जाँच के दायरे में भारतीय सेना के एक अधिकारी समेत नौ सैनिक शामिल हैं.

इमेज कॉपीरइट RIYAZ MASROOR

श्रीनगर में भारतीय सेना की पंद्रहवीं कोर के प्रमुख कर्नल एनएन जोशी ने बीबीसी को बताया, "चत्तरगाम घटना की जाँच पूरी हो चुकी है, इसके अलावा हमारे पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं हैं "

तीन नवंबर, 2014 को भारत प्रशासित कश्मीर के चत्तरगाम में सेना ने मारूती कार में सवार चार युवकों पर गोली चलाई थी जिसमें दो युवक मेराज अहमद और फैज़ान मीर की मौत हो गई थी जबकि दो अन्य घायल हो गए थे.

जाँच का वादा

मारे गए युवकों के परिवार ने इतने कम समय में जाँच पूरी होने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए माँग की है कि इस मामले में शामिल सैनिकों पर सिविल कोर्ट में मुक़दमा चलाया जाए.

इमेज कॉपीरइट RIYAZ MASROOR

मारे गए युवक फ़ैज़ान के पिता मोहम्मद यूसुफ़ मीर ने बीबीसी से कहा, "हम चाहते हैं कि जिनपर आरोप हैं उनके ख़िलाफ़ सिविल कोर्ट में केस चले."

एक दूसरे युवक मेराज अहमद की माँ आतिका ने बीबीसी से कहा, "हम चाहते हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सज़ा होनी चाहए, ताकि हमें भी लगे की दोषियों को सजा मिली है."

वहीं पिपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता नईम अख़्तर कहते हैं, "एक संजीदा पहल हो रही है. माछिल फ़र्ज़ी मुठभेड़ में कोर्ट मार्शल के फ़ैसले के कुछ ही दिनों बाद आज सेना ने दूसरे मामले में अपनी रिपोर्ट दी है. क़ानून अपना काम कर रहा है."

दोनों युवकों के सेना की गोलीबारी में मारे जाने के बाद सेना के पश्चमी कमांड के चीफ डीएस हुड्डा ने श्रीनगर में एक प्रेस वार्ता में इन हत्याओं की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए कुछ ही दिनों में जाँच पूरी करने की बात कही थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)