'तृणमूल मुक्त बंगाल बनाएंगे मोदी'

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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में रैली कर राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत की.

कोलकाता में बीजेपी की रैली को पुलिस-प्रशासन इजाज़त नहीं दे रहा था, अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत इसी मुद्दे के साथ की.

उन्होंने कहा, "दीदी सभा की अनुमति नहीं देना चाहती थी. उन्होंने मंच भी छोटा करवा दिया. दीदी... आप मंच तो छोटा करवा सकती हो लेकिन बंगाल के लोगों के दिल से बीजेपी को नहीं निकाल सकती. रैली दिखा रही है कि दीदी की उलटी गिनती शुरू."

पूरे भाषण के दौरान अमित शाह ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दीदी कहकर संबोधित किया.

अमित शाह के भाषण की 10 ख़ास बातें

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Image caption ममता बनर्जी सरकार अमित शाह की रैली की अनुमति नहीं दे रही थी.

1. दोषियों को बचा रही हैं ममता- अमित शाह ने कहा कि दीदी शारदा चिटफंड के दोषियों को बचा रही हैं. सिंगूर में 1200 लोगों की ज़मीन के लिए उन्होंने आमरण अनशन किया था. शारदा चिटफंड और अन्य चिटफंड मे 17 लाख लोगों के पैसे फंसे हैं, लेकिन दीदी उनके लिए आंदोलन नहीं करतीं.

2. चुनौती- अमित शाह ने कहा कि पहले आरोप लगता था- अब सिद्ध हो गया है कि शारदा चिटफंट से तृणमूल के सांसद जुड़े हैं. दीदी सीबीआई पर उनके सांसदों को फंसाने का आरोप ला रही हैं. दीदी अगर हिम्मत है तो कह दें कि सीबीआई ने जिन्हें पकड़ा है वह निर्दोष हैं.

3. सुरक्षा से खिलवाड़- अमित शाह ने कहा कि दीदी हाल ही में हुए बम विस्फ़ोटों के आरोपियों को बचा रही हैं. बर्धमान विस्फ़ोट में मारा गया शकील अहमद पहले भी बम धमाके में फंसा था. जिस मकान में धमाका हुआ उसका मालिक नूरुल हसन चौधरी कौन थे? जांच रोकने के लिए एनआईए को जांच के विरोध में बयान दिए थे.

4. बर्धमान विस्फ़ोट में टीएमसी- अमित शाह ने पूछा- कितने टीएमसी नेता इस ब्लास्ट से जुड़े हुए हैं? इसका जवाब ममता दीदी को देना होगा. शारदा चिटफंड के पैसे इस ब्लास्ट में भी उपयोग हुए. सीबीआई इसकी जांच कर रही है.

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5. ममता से अपील- अमित शाह ने कहा कि वोटबैंक की खातिर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ मत करिए. बांग्लादेशी घुसपैठियों को शरण मत दीजिए.

6. ममता विफल- उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा इंटेलीजेंट युवा, मेहनती युवा यहां है. सब कुछ है बस नेतृत्व की कमी है. दीदी को नेतृत्व दिया था लेकिन इसमें वह विफल हो गई.

7. पश्चिम बनाम पूर्व- पश्चिम विकसित हुआ है, पूर्व विकसित नहीं हो पाया है. कम्युनिस्टों को मौका दिया, तृणमूल को मौका दिया. गुजरात में घर-घर बिजली पहुंची, बंगाल में भी. यहां कारखाने बंद कर दिए, बिजली अपने आप ज़्यादा हो गई- गांवों तक पहुंच गई. कारखाने बंद हुए, सड़कें टूट गईं, चाय बागान बंद हो गए. लाखों लोग बेरोज़गार हो गए. जनधन योजना में तृणमूल की सरकार समर्थन नहीं कर रही. इसलिए बंगाल के करोड़ों लोगों का अकाउंट नहीं खुल रहा.

8. तृणमूल मुक्त बंगाल- मोदी जी का नारा कांग्रेस मुक्त भारत बनाने और तृणमूल मुक्त बंगाल बनाने का है. यूपीए ने पेट्रोल के दाम कभी कम नहीं किए. मोदी सरकार ने 12 बार पेट्रोल के दाम किए हैं. मोदी विकास करना चाहें तो ममता नहीं करने देंगी. विकास करवाना है तो बीजेपी की सरकार होनी चाहिए.

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9. चुनावी जीत- झारखंड और जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनावों में बीजेपी की सरकार बनेगी. दिल्ली और बिहार में भी जीतेगी. लेकिन इन सब विजयों का कोई मतलब नहीं- पश्चिम बंगाल में जीत होगी तभी पार्टी विजयी होगी.

10. मई में कोलकाता नगर निगम के चुनाव होने हैं. इसमें कलकत्ता के नागरिक एक शुरुआत करें और तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ दें. कोलकाता से तृणमूल के पतन की शुरुआत होनी चाहिए. कोलकाता में बीजेपी का मेयर बैठा दीजिए और बीजेपी पूरे बंगाल में फैल जाएगी.

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