पूर्वोत्तर भारत को हज़ारों करोड़ का तोहफ़ा

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगालैंड के 51वें स्थापना दिवस पर कोहिमा में पूर्वोत्तर भारत में विकास की कई योजनाओं को लागू करने का भरोसा दिया है.

उन्होंने पूर्वोत्तर भारत को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने के लिए 40 नई रेलवे लाइन के निर्माण कार्य के लिए करीब 28 हज़ार करोड़ रुपए देने का वादा किया है.

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के उस वादे को याद किया जिसमें सरकार ने बजट का दस फ़ीसदी हिस्सा उत्तर पूर्व के विकास में लगाने का वादा किया था.

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उन्होंने इस दौरान पूर्वोत्तर भारत के विकास की नई परिकल्पना पेश की.

एनईज़ेड का भरोसा

मोदी ने कहा, "देश में एसईज़ेड ( स्पेशल इकानॉमिक ज़ोन) की बहुत बात होती है. लेकिन मैं पूर्वोत्तर भारत में एनईज़ेड (नेचुरल इकानॉमिक ज़ोन) बनाऊंगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर भारत के छात्रों को के लिए ईशान विकास उदय योजना की शुरुआत की घोषणा की. इसके तहत हर साल छुट्टियों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के 2000 छात्रों और 500 शिक्षकों को देश के दूसरे हिस्सों में भेजा जाएगा.

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इसके अलावा प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों में एक आधुनिक वस्त्र उत्पादन केंद्र स्थापित करने का फ़ैसला लिया है. इसके अलावा इन राज्यों में छह कृषि महाविद्यालय की स्थापना करने की घोषणा भी उन्होंने की है.

नरेंद्र मोदी के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में विकास की काफी संभावनाएं मौजूद हैं, जिस पर ध्यान नहीं दिया गया है. उन्होंने इस दौरान पूर्वोत्तर भारत की जैव विविधता को संरक्षित रखने पर भी ज़ोर दिया.

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की ये पहली पूर्वोत्तर यात्रा है. शनिवार से शुरू हुई चार दिनों की इस यात्रा में वे असम, नगालैंड, त्रिपुरा और मणिपुर की यात्रा कर रहे हैं.

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