रोहतक वीडियो: गवाहों के बयान दर्ज, जाँच शुरु

रोहतक बस में छेड़छाड़ प्रकरण इमेज कॉपीरइट YOUTUBE

हरियाणा के रोहतक में चलती बस में कथित छेड़छाड़ पर लड़कों की पिटाई के वीडियो की जाँच कर रही पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए हैं.

पुलिस का कहना है कि अब इस मामले के हर पहलू की गहन जाँच की जा रही है.

रोहतक के पुलिस उपाधीक्षक यशपाल ने बीबीसी को बताया, "छह गवाहों ने बयान दर्ज कराए हैं. हम बयानों की सच्चाई की जाँच कर रहे हैं."

इस मामले में गिरफ़्तार किए गए तीनों अभियुक्तों को मंगलवार को ही ज़मानत मिल गई थी.

रविवार को सोशल मीडिया में एक वीडियो प्रसारित हुआ था जिसमें एक चलती बस में दो लड़कियाँ लड़कों से मारपीट करती दिख रही हैं.

वीडियो सामने आने के बाद रोहतक पुलिस ने छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज करते हुए तीन युवकों को गिरफ़्तार किया था.

आरोप-प्रत्यारोप

इसी बीच मीडिया में घटना के तथाकथित चश्मदीदों के बयान आए हैं जिसमें कई विरोधाभासी बातें कह रहे हैं.

Image caption पूजा और आरती का कहना है कि वे मामला वापस नहीं लेंगी.

जहाँ लड़के और उनके परिजन छेड़छाड़ के आरोपों का खंडन करते हैं, वहीं दूसरी ओर लड़कियाँ छेड़छाड़ के आरोपों पर डटी हैं.

वीडियो में दिख रहीं सोनिपत ज़िले की आरती और पूजा का कहना है कि वे मामला वापस नहीं लेंगी.

उन्होंने आरोप लगाया, "गवाह ख़रीद लिए गए हैं लेकिन हमारे पास पक्के सबूत हैं और हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है."

दूसरी ओर अभियुक्तों के गाँव में हरियाणा सरकार के लड़कियों को सम्मानित करने के फ़ैसले पर रोष है.

जाँच पर सवाल

रोहतक जिले के आसन गाँव के लोग सवाल करते हैं, "जाँच पूरी हुए बिना ही सरकार ने लड़कियों को ईनाम देने की घोषणा कर दी. इससे जाँच प्रभावित होगी. जाँच से पहले ही हमारे लड़कों को दोषी मान लिया गया है."

जिन लड़कों पर आरोप लगे हैं, उनमें से एक कुलदीप की बहन अनीता ने कहा, "अगर हमारे भाई बेगुनाह साबित हुए तो फिर सरकार को उन्हें भी सम्मानित करना चाहिए."

मामला सुर्खियों में आने के बाद हरियाणा सरकार ने लड़कियों को वीरता पुरस्कार के लिए नामित करने की घोषणा की थी.

इस मामले में बस ड्राइवर और कंडक्टर को भी निलंबित कर दिया था.

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