पंजाबः 'मुझे मेरी आंखें वापस चाहिए'

अमृतसर के अस्पताल में भर्ती शिविर में आंखों की रोशनी गंवाने वाले लोग इमेज कॉपीरइट RAVINDER SINGH

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में आयोजित नेत्र शिविर में ऑपरेशन के बाद क़रीब 15 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है.

स्थानीय पत्रकार रविंद्र सिंह ने गुरदासपुर जिले में घुमान के नेत्र शिविर में ऑपरेशन करवा चुके कई मरीजों से बात की.

सभी मरीजों ने आशंका जताई कि उनकी आंखों से कॉर्निया निकाल लिए जाने के कारण वे अब कुछ भी देख पाने में असमर्थ हैं.

गग्गोमहल गांव से नेत्र शिविर में इलाज करवाने आए एक मरीज जतिंदर सिंह ने बताया, "डॉक्टरों ने हमसे कहा कि वे आंखों का चेकअप करवा रहे हैं और फिर वे हमें बस से घुमान ऑपरेशन कैंप ले गए. वहां उन्होंने मेरी आंखें ले ली. मैं बहुत ग़रीब आदमी हूं. अब मैं क्या करूंगा. मुझे मेरी आंखें वापस चाहिए. मैं अंधा हो चुका हूं."

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एक दूसरी मरीज प्यार कौर कहती हैं कि ऑपरेशन के बाद अब वे कुछ भी नहीं देख सकतीं. वे दुखी होकर कहती हैं, "उन्होंने मेरी आंखें छीन लीं. मुझे मेरी आंखें वापस चाहिए."

दो के ख़िलाफ़ केस

बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने इस बारे में पंजाब सरकार की प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) विनी महाजन से बात की.

विनी महाजन ने बताया कि नेत्र शिविर के आयोजकों और ऑपरेशन करने वालों के ख़िलाफ़ नियमों की अनदेखी का केस दर्ज किया गया है.

उनका कहना था कि वो यह नहीं कह सकतीं कि 15 मरीज़ पूरी तरह से दृष्टिहीन हो गए हैं.

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पीजीआई चंडीगढ़ की एक उच्चस्तरीय मेडिकल टीम की राय मांगी गई है और कुछ भी कहने से पहले उनकी रिपोर्ट का इंतज़ार किया जाएगा.

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महाजन ने बीबीसी को बताया कि कोई नया केस नहीं मिला है हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन उन सभी से संपर्क कर रहा है जिन्होंने सर्जरी कराई है.

49 मरीजों का ऑपरेशन

बीबीसी संवाददाता जुबैर अहमद के मुताबिक़ गुरदासपुर के जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ रजनीश ने तीन डॉक्टरों की एक समिति गठित की है. इस समिति में एक सर्जन और दो नेत्र विशेषज्ञ शामिल हैं.

जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ रजनीश ने जानकारी दी कि नेत्र शिविर का आयोजन 4 नवंबर को किया गया था और इसमें आंखों के 49 मरीजों ने अपना ऑपरेशन करवाया.

रजनीश बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के मथुरा के एनजीओ ने नेत्र शिविर का आयोजन किया था.

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Image caption राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं

अमृतसर के ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजीव भल्ला ने बताया कि एक ग़ैर सरकारी संस्थान (एनजीओ) ने करीब 10-12 दिन पहले अजनाला तहसील के रघोमहल गांव में एक जांच शिविर का आयोजन किया था.

जांच समिति का गठन

डॉक्टर भल्ला ने बताया कि जिन लोगों के आंखों की जांच शिविर में की गई थी उन्हें ऑपरेशन के लिए गुरदासपुर जिले के घुमान गांव में जाया गया.

उन्होंने बताया कि आयोजकों ने शिविर के लिए ज़िला प्रशासन से ज़रूरी इजाजत नहीं ली थी.

पीड़ित लोगों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहां के विशेषज्ञ ने जांच कर बताया कि इन लोगों के आंखों की रोशनी स्थायी रूप से चली गई है, जो अब वापस नहीं आएगी.

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