सत्यम वाले रामलिंगा राजू को क़ैद

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हैदराबाद की एक अदालत ने सत्यम कंप्यूटर्स के संस्थापक रामलिंगा राजू और उनके भाई रामा राजू को छह महीने क़ैद की सज़ा सुनाई है.

समाचार एजेंसी पीटीआी के अनुसार अदालत ने सत्यम घोटाले में अभियुक्त दोनों भाइयों पर पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

ये फ़ैसला केंद्रीय कंपनी मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफ़आईओ) की ओर से दर्ज शिकायतों पर सुनाई गई है.

एसएफ़आईओ ने सत्यम कंप्यूटर्स सर्विस लिमिटेड पर कंपनी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

'सबसे बड़ा घोटाला'

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सत्यम घोटाला 2009 में सामने आया जब रामलिंगा राजू ने माना कि उन्होंने कंपनी के बही खातों में हेरफेर किया.

इसे भारत का सबसे बड़ा अकाउंटिंग घोटाला माना जाता है.

मुकदमे के दौरान सीबीआई ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में सत्यम कंपनी के शेयर धारकों को 14 हज़ार करोड़ रुपये का चूना लगाया गया.

वहीं बचाव पक्ष ने आरोप लगाए कि धांधली से जुड़े जो भी सबूत सीबीआई ने पेश किए हैं वो फ़र्ज़ी हैं और कानून के मुताबिक नहीं हैं.

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