पूरी दुनिया में क्या बदल रही हैं दवाएं?

  • 11 दिसंबर 2014
डॉक्टर अतुल गवांडे इमेज कॉपीरइट

डॉक्टर अतुल गवांडे पेशे से सर्जन और लेखक हैं और वे इस साल का बीबीसी रीथ लेक्चर देने के लिए गुरुवार को दिल्ली में हैं.

उनके लेक्चर सिरीज़ का चौथा भाषण दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में रखा गया है.

48 वर्षीय हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डॉक्टर गवांडे को बेस्ट सेलर लेखकों में शुमार किया जाता है.

इस जाड़े के मौसम में उन्हें 'दी फ्यूचर ऑफ़ मेडिसिन' शीर्षक के अंतर्गत चार लेक्चर देने थे जिनमें तीन वे बोस्टन, लंदन और एडिनबर्ग में दे चुके हैं.

डॉक्टरों की असफलता?

बोस्टन, लंदन, एडिनबरा और दिल्ली में बोलने का मौका मिलने से 'खुशी से अभिभूत' डॉक्टर गवांडे ने तब एक बयान में कहा था, "मुझे उम्मीद है कि अपने लेक्चर में मैं बताने की कोशिश करूंगा कि दवाएं बदल रही हैं और ये पूरी दुनिया में बदलेंगी."

डॉक्टर गवांडे के लेक्चर बीबीसी रेडियो4 और बीबीसी वर्ल्ड सर्विस पर प्रसारित किए जा रहे हैं.

उनके पहले लेक्चर का टाइटल था 'व्हाई डू डॉक्टर्स फ़ेल?' या 'डॉक्टर क्यों असफल होते हैं?'

पहले लेक्चर में डॉक्टर गवांडे ने बताया था कि क्या मेडिसिन की नाकामी पर डॉक्टरी लापरवाही या मूर्खता भारी पड़ने लगी है.

उम्र की ढलान

इसके बाद डॉक्टर गवांडे के दूसरे लेक्चर का टाइटल था, 'दि सेंचुरी ऑफ़ दी सिस्टम'.

इसमें उन्होंने बताया कि सिस्टम का विकास किस तरह से सामान्य प्रक्रियाओं से होते हुए एक जटिल प्रणाली में बदल गया.

उनका तीसरा लेक्चर था, 'दि प्रॉब्लम्स ऑफ़ दि ह्यूबरिस'. इसमें उन्होंने उम्र की ढलान और मृत्यु को समझाने की कोशिश की.

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