रजनी की बुराई पर फ़ेसबुक अकाउंट बंद

  • 14 दिसंबर 2014
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उबर टैक्सी में एक महिला के बलात्कार की ख़बरें इस सप्ताह सुर्ख़ियों में छाई रहीं. इस कहानी के हर पहलू पर सोशल मीडिया में चर्चा हुई. लेकिन इस हफ़्ते कुछ अन्य मुद्दे भी भारतीय जनता के बीच चर्चा में रहे.

इनमें से ज़्यादातर कहानियां देश के दक्षिणी हिस्से से आईं.

पढ़ें कौन सी हैं वो तीन चीज़ें

रजनीकांत मेनिया

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इस सप्ताह सुपर स्टार रजनीकांत के 64 साल पूरे होने के दिन उनकी नई फ़िल्म 'लिंगा' रिलीज़ हुई और तमिल दर्शकों में रजनीकांत को लेकर उन्माद सा दिखा.

यहां तक कि वोडाफ़ोन इंडिया ने ट्वीट किया, "यह केक खाने का अंतरराष्ट्रीय दिवस है. क्यों? क्योंकि रजनीकांत का जन्मदिन है. आइए उनके पसंदीदा गाने सुनते हुए इसे मनाएं."

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मगर इस सप्ताह विवाद भी कम नहीं रहे.

तमिलनाडु में अरुण नामक एक युवा फ़िल्म समीक्षक ने कहा कि उनका फ़ेसबुक अकाउंट इसलिए बंद कर दिया गया क्योंकि उन्होंने रजनीकांत की आलोचना की थी और कंपनी को हज़ारों लोगों की शिकायत मिली थी.

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हालांकि बीबीसी तमिल के सवाल का फ़ेसबुक ने जवाब नहीं दिया, पर अरुण का कहना है कि उन्होंने शिकायत के बारे में उन्हें बताया था और कहा था कि फ़ेसबुक पर उनका नाम अरुण तमिलस्टूडियो एक व्यक्ति की बजाए एक कंपनी का नाम लगता है.

अब एक निजी अकाउंट के बजाय उनका एक फ़ेसबुक पेज है.

अरुण कहते हैं कि यह घटना संकेत है कि रजनीकांत के प्रशंसकों की ताक़त आलोचकों को चुप कराने के लिए काफ़ी है.

'कावेरी डेल्टा में खनन बंद करो'

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बलात्कार और उबर पर प्रतिबंध के बीच एक किंचित अनोखा ट्रेंड भी सामने आया. यह था दक्षिण भारत में कावेरी डेल्टा में मीथेन गैस निकालने का विरोध, जिसने बहुत से लोगों को आकर्षित किया.

यह एक पुराना विवाद है. ट्विटर पर इसे इतनी जगह इसलिए मिली क्योंकि संभवतः इसके पीछे ज़ोरदार अभियान चलाया गया था. #StopMethaneExplorationInKaveriDelta से सीधे 50,000 ट्वीट किए गए.

इस प्रोजेक्ट के तहत तमिलनाडु के कावेरी बेसिन में हाइड्रॉलिक बोरिंग का इस्तेमाल करके गैस निकालने की योजना है. सामाजिक कार्यकर्ता, किसान और पर्यावरणविद इसका विरोध कर रहे हैं.

यह परियोजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है और सरकार ने इसे स्थगित कर दिया था.

कावेरी नदी कर्नाटक से निकली है और तमिलनाडु में आती है. इसके जल के बंटवारे को लेकर 20वीं सदी की शुरुआत से ही लंबा विवाद रहा है.

गेस हू?

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एक कलाकार कोच्ची के सड़कों और दीवारों पर भित्तिचित्र बना रहा है. साड़ी में एक अंतरिक्ष यात्री, कर्नल सांडर्स भारतीय व्यंजन परोसते हुए.

कोच्चि की दीवारों पर ये कौन उतर आया!

असल में ये पश्चिमी चरित्र परंपरागत भारतीय परिवेश और महिलाओं के अपरंपरागत प्रतिनिधित्व वाले हैं. और इस पर लोगों में ख़ूब चर्चा हो रही है.

ख़ुद को 'गेस हू' कहने वाले कलाकार या बहुत से कलाकार सक्रिय हो गए हैं. रेडइट पर इस स्ट्रीट आर्ट के बारे में काफ़ी चर्चा हो रही है. इसमें काम करने वाले कलाकार से बीबीसी ने भी बात की.

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