चंडीगढ़ः बत्त्ख में एच5एन1 वायरस की पुष्टि

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चंडीगढ़ में पिछले एक सप्ताह में सुखना झील की 24 बत्तखों की मौत हो गई है. मरने वाली एक बत्तख में एच5एन1 वायरस होने की पुष्टि हुई है.

चंडीगढ़ प्रशासन ने एच5एन1 वायरस होने के अंदेशे के चलते सुखना झील की तमाम बत्तखों को मारने का फैसला किया है.

अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत चल रहे किलिंग ऑपरेशन में झील की सारी बत्तखों को रासायनिक विधि से ख़त्म किया जाएगा.

नोडल अफ़सर लवलेश का कहना है, "अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के मुताबक पूरी तरह से एहतियात बरता जा रहा है."

प्रशासन ने एच5एन1 के गंभीर प्रभाव का ध्यान रखते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है और पूरे इलाके में किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई है.

विदेशी पक्षी और सैलानी

एच5एन1 वायरस के गंभीर रूप से संक्रमण फैलाने की आशंका रहती है जिससे दूसरे पक्षी तथा इंसान भी प्रभावित हो सकते हैं.

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सुखना झील में सर्दियों में बहुत सारे विदेशी पक्षी आते हैं. यही नहीं यहां रोज़ाना सैलानियों से लेकर सैर के लिए आने वाले लोग भारी संख्या में आते हैं.

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जालंधर के 'रीजनल डिज़ीज़िस डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी' में बत्तखों से लिए गए नमूनों के नतीजे स्पष्ट नहीं थे. इसलिए ये नमूने भोपाल की 'हाई सिक्योरिटी एनिमल डिज़ीज़िस लेबोरेटरी' में भेजे गए.

भोपाल की लेबोरेटरी से एक बत्तख में एच5एन1 होने की पुष्टि हुई.

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