जम्मू-कश्मीरः नेशनल कांफ्रेंस में मतभेद

  • 25 दिसंबर 2014
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विधानसभा चुनावों में खंडित जनादेश के बाद जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर नेशनल कांफ्रेंस में मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं.

नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता आगा रोहुल्ला ने कहा है कि राज्य में सरकार बनाने की ज़िम्मेदारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की है न कि नेशनल कांफ्रेंस की.

ऐसी ख़बरें थी कि नेशनल कांफ्रेंस के सरकार में शामिल होने को लेकर आगा रोहुल्ला का कुछ विरोध था और इस संबंध में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह को चिठ्ठी लिखी थी.

लेकिन बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने ऐसी किसी चिठ्ठी से इनकार किया और कहा, "मैंने उमर साहब से बातचीत कर अपनी राय रख दी है."

आशंकाएं

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भारतीय मीडिया में इस तरह की अटकलें चल रही थीं कि दिल्ली में उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मुलाक़ात की है. हालांकि भाजपा महासचिव राम माधव ने इसका खंडन किया था.

वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार बनाने को लेकर उनकी पार्टी के सारे विकल्प खुले हैं.

उन्होंने कहा, "सरकार में शामिल होने को लेकर मेरी कुछ आशंकाएं थीं और उसे मैंने बता दिया है."

राज्य में विधानसभा की तस्वीर त्रिशंकु बनकर उभरी है ऐसे में समझौते से ही सरकार बन सकती है.

इस बारे में उनका कहना था, "सरकार बनाने के लिए समझौता करने की बारी हमारी नहीं है. इसकी ज़िम्मेदारी सबसे पहले पीडीपी की है और फिर भाजपा की है. जनता ने पीडीपी और भाजपा में विश्वास जताया और उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए और मिलकर सरकार बनानी चाहिए."

समझौता

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Image caption हालिया चुनावों में पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

सरकार बनाने के लिए समझौता करने के सवाल पर उनका कहना था, "कोई भी राजनीतिक दल महज सरकार बनाने के लिए अपने उसूलों और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकता है."

पीडीपी 28 सीटें जीतकर विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है और भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस 15 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर है, जबकि 12 सीटों के साथ कांग्रेस चौथे स्थान पर है.

(आगा रोहुल्ला से बीबीसी संवादाता विनीत ख़रे की बातचीत के आधार पर)

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