उम्मीद की गुड़िया 'सुनामिका'

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किसी गुड़िया के बने रहने के लिए एक दशक लंबा वक़्त है. लेकिन जब गुड़िया का नाम 'सुनामिका' हो और वह सुनामी आपदा के बाद एक उम्मीद बनकर आई हो तो यह बड़ी बात नहीं लगती.

इस गुड़िया का उत्पादन भारत के पुड्डुच्चेरी, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के समुद्र तटों पर सुनामी पहुंचने के कुछ दिन बाद शुरू हुआ.

गुड़िया बेकार हो चुके कपड़ों के टुकड़ों से बनती है.

दुख से उबरने का तरीक़ा

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गुड़िया बनाने का विचार उपासना इंटीग्रल स्टूडियो, ऑरोविले, पुड्डुचेरी की संस्थापक उमा प्रजापति का था. उपासना सुनामी आपदा पीड़ित महिलाओं और बच्चों को उबारने का कोई तरीक़ा ढूंढ रही थीं.

बीबीसी हिंदी को उन्होंने बताया, "हमें लगा कि इससे उन्हें जीवन की नई उम्मीद मिलेगी. दो महीने बाद ही सात गांवों की क़रीब 600 महिलाएं गुड़िया बनाने के काम से जुड़ गईं. अब यह गुड़िया जीवन के प्रति भरोसे की प्रतीक बन गई है."

बेचा नहीं जाता

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न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में 'सुनामिका' के प्रसार की खास बात यह है कि इसे आम खिलौनों की तरह बेचा नहीं जाता.

इसे बांटा जाता है और जो सहयोग राशि मिलती है उसे ले लिया जाता है.

यह पैसा उन महिलाओं को दिया जाता है जो यह गुड़ियाएं बनाती हैं. अब तक 70 लाख 'सुनामिका' बनाई और बांटी जा चुकी हैं.

उमा कहती हैं, "सुनामी से जुड़ी यह अकेली परियोजना है जो बग़ैर किसी आर्थिक मदद के जारी है."

जीवन और जीविका

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उमा बताती हैं कि पिछले कुछ साल में 'सुनामिका' की मांग काफ़ी कम हुई है. गुड़िया बनाने वाली औरतों की संख्या भी घटी है.

लेकिन इन महिलाओं की आमदनी कम नहीं हुई क्योंकि वो उपासना की दूसरी परियोजनाओं में भागीदारी करती हैं. संस्था महिला सशक्तीकरण के लिए सात अन्य परियोजनाएँ चलाती है.

उमा कहती हैं, "इन महिलाओं के लिए 'सुनामिका' का निर्माण केवल जीविका का साधन मात्र नहीं है.

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Image caption उमा प्रजापति मानती हैं कि सुनामिका ने उसे बनाने वालों के जीवन में उम्मीद जगाई है.

इसने उनकी ज़िंदगी बदलने में मदद की है. इसने उन्हें उम्मीद दी है और हम सबको जीवन के प्रति विनम्र बनाया है."

प्रतीक

तमिलनाडु के सीबीएसई स्कूलों में कक्षा छह में 'सुनामिका' की कहानी पढ़ाई जा रही है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन टेक्नोलॉजी (निफ़्ट) में यह डिज़ाइन और सामाजिक ज़िम्मेदारी विषय के पाठ्यक्रम का हिस्सा है.

और अब यह नेशनल कोस्टल प्रोटेक्शन कैंपेन का भी प्रतीक चिह्न है.

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