जशोदाबेन को नहीं मिली जानकारी

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी को आरटीआई का जवाब देने से इनकार कर दिया गया है.

जशोदाबेन सरकारी सुरक्षा से परेशान हैं और वह अपने अधिकारों के बारे में जानना चाहती थीं.

इसी बाबत पिछले महीने उन्होंने गुजरात के मेहसाणा ज़िले के पुलिस अधीक्षक से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी.

मेहसाणा पुलिस ने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया कि यह स्थानीय ख़ुफ़िया ब्यूरो (एलआईबी) से संबंधित है.

मेहसाणा ज़िला पुलिस अधीक्षक जे आर मोथालिया ने कहा, ‘‘जो जानकारी जशोदाबेन ने मांगी है वह स्थानीय ख़ुफ़िया ब्यूरो से संबंधित है. पर ख़ुफ़िया ब्यूरो आरटीआई के दायरे में नहीं आता लिहाजा यह उनको नहीं दी जा सकती. हमने इस घटनाक्रम के बारे में लिखित पत्र उन्हें भेज दिया है.’’

परिवार नाखुश

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जशोदाबेन का परिवार इस जवाब से नाखुश है. जशोदाबेन के भाई अशोकभाई मोदी ने बीबीसी से कहा, "यह राजनीति हम नहीं समझ सकते. अब हमें और कुछ नहीं जानना. यह जानकारी देने से मना कर दिया है इससे मेरी बहन भी उदास है पर वह कुछ बोल नहीं रही और इस बात का मुझे दुःख है."

रिटायर्ड स्कूल टीचर की ज़िंदगी बसर कर रही जशोदाबेन गुजरात के ईश्वरवाड़ा गांव में अपने भाई अशोकभाई के साथ रहती हैं.

अपनी आरटीआई अर्ज़ी में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का ज़िक्र करते हुए जशोदाबेन का कहना है कि उन्हें अपने सुरक्षा गार्ड्स से डर लगता है.

बीबीसी हिंदी से फ़ोन पर बात करते हुए जशोदाबेन ने पिछले महीने कहा था, "मुझे किस सरकारी ऑर्डर के तहत सुरक्षा दी गई है. मुझे यह प्रोटोकॉल क्यों मिला है? मुझे नियम के हिसाब से न्याय नहीं मिला है. यदि मुझे सिक्योरिटी दी गई है तो अन्य अधिकार भी मिलने चाहिए."

जशोदाबेन ने कहा था, "मुझे सुरक्षा कवच की वजह से बहुत परेशानी होती है. मैं सरकारी बस में सफ़र करती हूँ और मेरे साथ वाले सुरक्षाकर्मी कार में घूमते हैं. वे लोग साथ में होते हैं तो डर लगता है."

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