वरिष्ठ पत्रकार बीजी वर्गीज़ का निधन

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वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक चिंतक बीजी वर्गीज़ का निधन हो गया है. वे 87 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार थे.

मैग्सैसे पुरस्कार से सम्मानित वर्गीज़ हिंदुस्तान टाइम्स और इंडियन एक्सप्रेस के संपादक रहे थे.

करीब एक महीने पहले वर्गीज़ को डेंगू हुआ था और पिछले कुछ हफ़्तों से उन्हें बुखार भी था.

लेखक और सलाहकार

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वर्गीज़ वर्ष 1966-69 तक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सूचना सलाहकार रहे. आपातकाल के बाद कुछ साल तक वे गांधी पीस फ़ाउंडेशन के फ़ेलो रहे और साल 2001 में अल्पकाल के लिए रक्षामंत्री के सूचना सलाहकार भी रहे.

वर्गीज़ की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कई किताबें भी लिखीं थीं जिनमें 'डिज़ाइन फ़ॉर टुमौरो', 'वाटर्स ऑफ़ होप', 'हार्नेसिंग दि ईस्टर्न हिमालयन रिवर्स', 'विनिंग दि फ़्यूचर', 'इंडियाज़ नॉर्थ-ईस्ट रिसर्जेंट', 'रिओरिएंटिंग इंडिया एंड रेज' और 'रिकंसिलेशन ऑफ़ इंडिया' शामिल हैं.

उनकी आखिरी किताब का पहला ड्राफ़्टः 'विटनेस टू दि मेकिंग ऑफ़ मॉडर्न इंडिया' अक्टूबर 2010 में रिलीज़ हुआ था. इसके बाद वर्ष 2014 में एक और किताब 'क्विंटेरेन्शियल इंडिया' प्रकाशित हुई थी.

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वर्गीज़ अप्रैल 2002 में एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग के गुजरात मिशन के सदस्य भी थे.

वे करगिल रिव्यू कमेटी के सदस्य और करगिल रिव्यू कमेटी रिपोर्ट के सह लेखक भी थे जो संसद में रखी गई थी.

उन्हें 1975 में मैग्सैसे अवार्ड के साथ के अलावा वर्ष 2005 में असम का शंकरदेव अवार्ड, वर्ष 2013 में उपेंद्र नाथ ब्रह्म सोल्जर ऑफ़ ह्यूमेनिटी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था.

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