कश्मीर सीमा पर हज़ारों हुए बेघर

इमेज कॉपीरइट EPA

भारत और पाकिस्तान की विवादित सीमा रेखा पर सैन्य कार्रवाई बढ़ने के चलते भारत प्रशासित कश्मीर में हज़ारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है.

सीमावर्ती ज़िले कठुआ और सांबा से क़रीब पांच हज़ार लोगों को अपने घर से दूर सरकारी कैंपों में ठिकाना तलाशना पड़ रहा है.

कठुआ में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमने कुछ स्कूलों और सरकारी इमारतों में इन लोगों के ठहरने की अपातकालीन व्यवस्था की है. सीमा पार से गोलीबार हमारी सीमा के चार किलोमीटर के अंदर तक हुई है."

भारतीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ सांबा और कठुआ ज़िले में युद्ध जैसी स्थिति है. इन रिपोर्टों के मुताबिक़ 200 मील लंबी सीमा रेखा के दायरे में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है.

सांबा में स्थिति गंभीर

इमेज कॉपीरइट AP

कठुआ के स्थानीय पत्रकार हरजिंदर सिंह ने बताया, "दूसरे राज्यों में रह रहे रिश्तेदारों और दोस्तों के फ़ोन आ रहे हैं. वे टीवी पर ख़बरें देखकर चिंतित हैं. लेकिन ज़िले के दो ही हिस्से गोलाबारी से प्रभावित हैं. बाकी जगह असर नहीं पड़ा है."

वहीं पड़ोसी ज़िले सांबा में, स्थिति कहीं ज़्यादा गंभीर है. सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण सिंह कट्टल ने फूलियान गांव में में सैकड़ों गांव वाले के लिए खाने की व्यवस्था में जुटे हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

उन्होंने कहा, "एक दशक पहले तक मैं सीमा के पास घास काटने के लिए चला जाता था, तब पाकिस्तानी सेना के लोग दिखते थे और वे लोग विनम्रता से पेश आते हैं."

कट्टल जैसे सांबा के कई लोग ये मानते हैं कि भारत के मुखर तेवर के चलते मुश्किल से हासिल हुई शांति समाप्त हुई है.

मोदी के बाद बढ़ा तनाव?

कट्टल ने कहा, "चुनाव अभियान के दौरान नरेंद्र मोदी ने हमसे वादा किया था कि अगर वे प्रधानमंत्री बनेंगे तो पाकिस्तान हमारी तरफ़ गोलीबारी नहीं करेगा. लेकिन जब से वे सत्ता में आए हैं तब से तनाव शुरू हो गया."

जम्मू के अलावा कश्मीर क्षेत्र में भी 700 मील लंबी लाइन ऑफ़ कंट्रोल के दायरे में हिंसा शुरू हो गई है. भारतीय सेना के मुताबिक़ पाकिस्तानी सेना की ओर से राकेट फ़ायरिंग में कम से कम दो सैनिकों की मौत हुई है.

इमेज कॉपीरइट Other

जम्मू के सीमावर्ती इलाके में बीते अक्तूबर में भी तनाव बढ़ा था, तब सीमा के दोनों ओर कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. हालांकि तब अमरीकी नेतृत्व और संयुक्त राष्ट्र की महासचिव बान की मून की अपील पर दोनों सेना ने शांति बहाल की थी.

लेकिन नए साल की शुरुआत से ही सीमा पर तनाव बढ़ा है. दोनों तरफ़ के अधिकारियों के मुताबिक़ कम से कम दस लोगों की मौत हो चुकी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार