स्वामी विवेकानंद का संदेश

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सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 152 वीं जयंती हैं. भारत में उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है.

विवेकानंद का निधन महज़ 39 साल की उम्र में हो गया था.

युवाओं को संबोधित करते उनके कुछ संदेश ख़ासे मशहूर रहे. पेश हैं स्वामी विवेकानंद के ऐसे ही कुछ संदेश.

1. उठो. जागो. और तब तक मत रुको जब तक तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए.

2. कोई एक ध्येय (विचार) बना लो और उस विचार को अपनी ज़िंदगी बना लो. उस विचार को बार-बार सोचो, उसके सपने देखो और उसे जियो. दिमाग, मांसपेशियां, नसें और शरीर के हर भाग में उस विचार को भर लो और बाकी हर विचार छोड़ दो. यह सफल होने का रास्ता है.

3. हम वो हैं जो हमारे विचारों ने हमें बनाया है. इसलिए आप जो भी सोचते हैं उसका ख़्याल रखिए. शब्द बाद में आते हैं, पहले विचार आते हैं. वे ज़िंदा रहते हैं और दूर तक जाते हैं.

4. जब तक तुम खुद पर भरोसा नहीं कर सकते तब तक ख़ुदा या भगवान पर भरोसा नहीं कर सकते.

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5. कभी मत सोचिए कि किसी भी आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है. ऐसा सोचना सबसे बड़ा अधर्म है. खुद को या दूसरों को कमज़ोर समझना ही दुनिया में एकमात्र पाप है.

6. यदि हम भगवान को हर इंसान और खुद में नहीं देख सकते तो हम उसे ढूंढ़ने कहां जा सकते हैं?

7. जितना हम दूसरों की मदद के लिए सामने आते हैं और मदद करते हैं उतना ही हमारा दिल निर्मल होता है. और ऐसे ही लोगों में ईश्वर होता है.

8. यह दुनिया एक बहुत बड़ी व्यायामशाला है, जहां हम खुद को मज़बूत बनाने के लिए आते हैं.

9. ब्रह्मांड में जितनी शक्ति है, वह हमारे अंदर ही मौजूद है. वह हम खुद हैं जिन्होंने अपने हाथों से अपनी आंखों को बंद कर लिया है और चिल्लाते हैं कि यहां अंधेरा है.

10. हमारा कर्तव्य हर संघर्ष करने वाले को प्रोत्साहित करना है. ताकि वह अपने सपने को सच कर सके और उसे जी सके.

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