मेक इन इंडिया और 'मेक इन अमरीका' एक साथ?

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पिछले साल तीन अक्टूबर को नरेंद्र मोदी ने जब रेडियो के माध्यम से 'मन की बात' शुरू की थी तो उन्होंने कहा था कि वो लगभग हर महीने 'मन की बात' करेंगे.

मोदी ने ये भी कहा था कि ये कार्यक्रम रविवार को होगा और सुबह होगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसे सुन सकें.

लेकिन नरेंद्र मोदी मंगलवार को 'मन की बात' कर रहे हैं और समय चुना है रात आठ बजे का.

(पढ़ेंः मोदी की 'मन की बात')

'मन की बात' कार्यक्रम के लिए पीएमओ की ओर से श्रोताओं से सवाल भी मंगाए थे. सोशल मीडिया पर #AskObamaModi का हैशटैग लंबे समय तक ट्रेंट करता रहा.

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मोदी अपने 'मन की बात' आज अकेले भी नहीं करेंगे बल्कि उनके साथ होंगे अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा. ट्विटर पर दोनों नेताओं से कई तरह के सवाल पूछे गए हैं.

इनमें दोनों देशों के आर्थिक, सामाजिक और रक्षा सहयोग समेत अंतरराष्ट्रीय चरमपंथ, पाकिस्तान और तिब्बत का सवाल भी उठा है.

(पढ़ेंः मोदी के 'मन की बात' को मिला क्लीनचिट)

प्रियंकर शर्मा पूछते हैं कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की क्या संभावनाएं है क्योंकि हमारे एजेंडे में मेक इन इंडिया है. वे सीमा पार के चरमपंथ की बात उठाते हैं.

मिलिंद चंदूरकर अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों के बारे में पूछते हैं.

गुंजन बागला का कहना है कि भारत अमरीका के बीच 500 अरब डॉलर के कारोबार तक पहुंचने के लिए मुक्त व्यापार समझौते से मदद मिलेगी क्या दोनों देश इस पर बात करेंगे.

'मेक इन इंडिया'

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प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक नरेंद्र मोदी तीन बार 'मन की बात' कार्यक्रम के ज़रिए लोगों को संबोधित कर चुके हैं और ये चौथा कार्यक्रम होगा.

मुरली नारायण का सवाल भी दोनों देशों की नीतियों के विरोधाभास पर रोशनी डालता है.

(पढ़ेंः क्या है मोदी के 'मन की बात'?)

वे कहते हैं कि 'मेक इन इंडिया' और 'मेक इन अमरीका' की नीति दोनों देशों एक साथ कैसे चल सकती है.

इंटरनेट पर एक यूज़र ने ओबामा से पूछा है कि वे भारत आकर कैसा महसूस कर रहे हैं.

क्षितिज कुमार का सवाल खासतौर पर ओबामा से है कि क्या वे भारत के साथ केवल कारोबारी संबंध बनाना चाहते हैं, सामाजिक नहीं?

ताजमहल का सवाल

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हालांकि बताया ये जा रहा है कि मोदी और ओबामा ने हैदराबाद हाउस में अपनी शिखर वार्ता के बाद ही इस कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड करा दिया है.

नरेंद्र मोदी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ये तस्वीर भी साझा की गई है.

ज्योत्स्ना जॉर्ज ने तिब्बत और भारत की उत्तर सीमा पर चीन की जोर आजमाइश पर भारत और अमरीका के सहयोग के बारे में पूछा है.

ओबामा ताजमहल देखने नहीं जा सके पर हरीश मारू पूछते हैं कि क्या वे भविष्य में अपनी बेटियों के साथ ताजमहल देखने आएंगे?

विपक्ष की आलोचना

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वहीं कांग्रेस पार्टी ने 'मन की बात' कार्यक्रम की खिल्ली उड़ाते हुए इसे ओबामा की नकल की संज्ञा दी है.

पार्टी नेता संजय निरूपम कहते हैं कि ओबामा हर हफ्ते रेडियो के माध्यम से देश को संबोधित करते हैं और मोदी ने भी उन्हीं की नकल की है.

मोदी ने इससे पहले बीते साल तीन अक्टूबर, दो नवंबर और 14 दिसंबर को रेडियो के माध्यम से 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित किया था.

आधे घंटे की इस कड़ी में प्रधानमंत्री लोगों से समाज को बेहतर बनाने के तरीकों पर बात करते हैं और उनसे सुझाव मांगते हैं.

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