ओबामा: 'अनेकता में एकता आपकी ताकत..'

बराक ओबामा इमेज कॉपीरइट EPA

अमरीकी राष्ट्रपति ने सीरी फोर्ट के कार्यक्रम की शुरुआत नमस्ते से की और कहा कि भारत के युवाओं में उन्हें उम्मीद दिखती है.

उन्होंने गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रुप में बुलाने के लिए भारत का धन्यवाद करते हुए हिंदी में कहा, 'बहुत धन्यवाद.'

उन्होंने कहा, 'मुझे मोटरसाइकिल का स्टंट बहुत पसंद आया लेकिन सीक्रेट सर्विस मुझे मोटरसाइकिल चलाने नहीं देता.'

बराक ओबामा जैसे ही मंच पर आए लोगों ने 'ओबामा, ओबामा' कह कर उनका स्वागत किया. कई लोग अपने स्मार्टफोन्स से उनकी तस्वीरें भी उतारनी शुरु कर दीं.

दीवाली का उत्सव

ओबामा का कहना था, 'पिछली बार हम लोग आए थे. तो दीवाली मनाई थी...डांस भी किया था..इस बार नहीं हो पाया. लेकिन हमने पिछले साल व्हाइट हाउस में दीवाली मनाई थी.'

ओबामा ने बताया कि मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी उनके आदर्श रहे हैं. उनका कहना था, 'ये कारण है कि हम आज एक साथ हैं. भारत और अमरीका दोनों.'

उन्होंने कहा, 'एक और संबंध है जो हम दोनों को जोड़ता है. अमरीका ने भारत के एक पुत्र का स्वागत किया था..विवेकानंद जिन्होंने अमरीका में हिंदू धर्म का प्रचार किया और उन्होंने यही कहा था....अमरीका के भाईयो और बहनो.'

इमेज कॉपीरइट AP

उन्होंने कहा, ‘मैं आज यही दोहराता हूं. भारत के भाईयो और बहनो.’

ओबामा का कहना था कि भारत और अमरीका ज्ञान और इनोवेशन को बढ़ावा देता है. दोनों देशों ने मिलकर अंतरिक्ष के क्षेत्र में बहुत काम किए. दोनों देश उन चुनिंदा देशों मे हैं चांद और अंतरिक्ष में जा चुके हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए कहा था कि अब तो हम लोग फेसबुक, ट्विटर, व्हाहट्सएप पर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.

सबसे अच्छे सहयोगी

ओबामा का कहना था कि भारत और अमरीका सबसे अच्छे सहयोगी हो सकते हैं.

उनका कहना था, ‘दुनिया में भारत की क्या स्थिति होगी ये भारत को तय करना है लेकिन हम चाहेंगे कि भारत और अमरीका मिलकर बड़े काम करें. किसानों को तकनीक मिले, साफ पानी मिले. बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो. अमरीका भारत की विकास यात्रा का सहभागी होना चाहता है. हम नए आधारभूत ढांचे बनाने में आपके सहयोगी होना चाहते हैं.’

ओबामा ने पर्यावरण और सुरक्षा का ज़िक्र करते हुए कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खतरों को समझते हैं और अमरीका भारत का स्वागत करता है सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में भी.

उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य एक ऐसी दुनिया बनाना है जहां कोई परमाणु हथियार न हो. भारत और हमें मिलकर काम करना होगा. हम चाहेंगे कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार हो जिसमें भारत को स्थायी सीट मिले.’

भेदभाव और महिलाओं का महत्व

ओबामा ने कहा कि अमरीका भारत का स्वागत करते हैं कि स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में वो बड़ी भूमिका निभाए.

ओबामा ने अपने भाषण में काले-गोरों के भेदभाव का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे भेदभाव सब जगह हैं..भारत में भी.

उनका कहना था, ‘मेरे दादा सेना में कुक थे. मिशेल के परिवार के लोग गुलाम रहे हैं, गुलामों के मालिक भी रहे हैं. मैंने भेदभाव झेला है अपने रंग के कारण, लेकिन फिर भी हम आगे आ पाए हैं. हम ऐसे देशों में रह रहे हैं जहां कुक का पोता राष्ट्रपति बन सकता है और एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री.’

राष्ट्रपति का कहना था कि दोनों देश तभी मज़बूत होंगे जब वो सबका सम्मान करेंगे खास कर अपनी महिलाओं का.

उन्होंने कहा, ‘आपको मालूम है मिशेल के बारे में. उसे जो गलत लगता है वो मुझे बोल देती हैं और ऐसा अक्सर होता है. दो बेटियां हैं मेरी. मैं मजबूत महिलाओं के बीच में हूं.अमरीका में महिलाओं को पूरे अधिकार देने की कोशिश की जाती है. भारत में मांएं और बीवियां ही परिवार को एक रखती हैं. सरकार में कई महिलाएं नेता हैं. कोई देश तभी सफल होता है जब उसकी महिलाएं सशक्त होती हैं.’

ओबामा ने कहा कि उन्हें ये देखकर बहुत अच्छा लगा कि एक महिला कमांडर ने उनका स्वागत किया जब वो दिल्ली आए.

उन्होंने कहा कि किसी देश के बारे में इसी से पता चलता है कि वो अपनी लड़कियों के साथ कैसा व्यवहार करता है.

अनेकता में एकता

उन्होंने कहा कि किसी देश के बारे में इसी से पता चलता है कि वो अपनी लड़कियों के साथ कैसा व्यवहार करता है.

ओबामा ने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा कि सभी को अपने धर्म का पालन करने की आज़ादी होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात को मानता हूं जो गांधी जी ने कहा था कि हर धर्म एक फूल की पंखुड़ियों जैसा है. कई बार कुछ लोग मेरे धर्म पर सवाल उठाते हैं क्योंकि वो मुझे नहीं जानते.’

उन्होंने कहा कि भारत तभी सफल होगा अगर वो धर्म के नाम पर अलग नहीं होगा...किसी और मुद्दे पर अलग नहीं होगा.

उनका कहना था, ‘आप शाहरुख खान की फिल्में देखते हैं. मिल्खा सिंह आपका एथलीट है. मैरी कौम आपकी है. इनकी उपलब्धियां सबको एक करती हैं. यही मज़बूती होनी चाहिए भारत की.’

ओबामा का कहना था कि भारत और अमरीका में अनेकता में एकता एक बड़ी खूबी है और इसे बचाने की ज़रुरत है.

उन्होंने कहा कि कोई देश इस बात से बड़ा नहीं होता कि उसके पास कितनी सेना है या हथियार हैं बल्कि इससे बड़ा होता है कि देश के लोग देश के बारे में क्या सोचते समझते हैं. विविधता को कैसे बचाए और बनाए रखते हैं. ये जिम्मेदारी युवाओं की है और उन्हीं पर ज़िम्मेदारी है दुनिया को दिशा देने की.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की तीन दिवसीय भारत यात्रा मंगलवार को ख़त्म हो रही है. जहां से वो सऊदी अरब जा रहे हैं.

राष्ट्रपति ओबामा भारत के 66वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)