सुजाता सिंह का इस्तीफ़ा, जयशंकर नए विदेश सचिव

  • 29 जनवरी 2015
एस जयशंकर इमेज कॉपीरइट indianembassy

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अमरीका में भारत के राजदूत एस जयशंकर को बुधवार देर शाम सुजाता सिंह के स्थान पर भारत का नया विदेश सचिव बना दिया गया.

सुजाता सिंह के कार्यकाल में क़रीब छह माह का समय बचा था, लेकिन सरकार ने उन्हें उससे पहले ही हटाने का फ़ैसला कर लिया.

जानी मानी पत्रकार सुहासिनी हैदर का कहना है कि इस मामले को सुजाता को हटाने की दृष्टि से नहीं बल्कि जयशंकर की नियुक्ति के हिसाब से देखना चाहिए.

उनका कहना था, ''देखिए एस जयशंकर की भूमिका बड़ी रही है ओबामा की यात्रा में और इससे पहले परमाणु समझौते में भी शायद इसका लाभ मिला है उनको. सरकार शायद यह चाहती थी कि वो ऐसे व्यक्ति को विदेश सचिव बनाए जिस पर उन्हें पूरा भरोसा हो.''

पूर्व में शिवशंकर मेनन को भी कई वरिष्ठ अधिकारियों पर वरीयता देते हुए विदेश सचिव बनाया गया था जिसके बाद विदेश सेवा के कुछ अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था.

सुहासिनी कहती हैं, ''सरकार ने नौकरशाहों को लेकर क्या खास रणनीति बनाई है ये तो धीरे धीरे पता चलेगा. लेकिन विदेश मामलों में जिस तरह की रुचि दिखाई है सरकार ने उसमें उन्हें ऐसा ही कोई विदेश सचिव चाहिए जो उनके विज़न को समझे और उसे लागू करे.''

यह परिवर्तन अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा सम्पन्न होने के ठीक बाद हुआ है और इस पर विवाद होने की संभावना भी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की नियुक्ति संबंधी समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया.

सुजाता सिंह का दो वर्ष का कार्यकाल जुलाई, 2015 में समाप्त होना था.

बुधवार देर शाम की गई आधिकारिक घोषणा के अनुसार, भारतीय विदेश सेवा की 1976 बैच की अधिकारी सुजाता सिंह के बतौर विदेश सचिव कार्यकाल में तुरंत प्रभाव से कटौती कर दी गई.

घोषणा में कहा गया है कि 1977 बैच के आईएफ़एस अधिकारी एस जयशंकर को सुजाता सिंह के स्थान पर नियुक्त किया गया है.

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