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'महात्मा की हत्या' बनाम 'गांधी-वध'

67 साल पहले आज ही के दिन दिल्ली के बिरला भवन में नाथू राम गोडसे महात्मा गांधी के पैर छूने के लिए झुका और जब उठा तो उसने एक के बाद एक तीन गोलियां गांधी जी के सीने में दाग दीं.

क्या ये एक आदमी का बदला था या दो विचारधाराओं की टक्कर?

महात्मा गांधी की हत्या के 67 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं राजेश जोशी.

यह कार्यक्रम मूलत: गांधी जी की 60 वीं पुण्य तिथि पर बनाया गया था. इस कार्यक्रम में कुछ लोग जिनसे बात की गई थी, आज जीवित नहीं हैं...