कहां होती है ऐसी प्रतियोगिता

गतका

पंजाब के 'ग्रामीण ओलंपिक्स' का दूसरा दिन कई हैरतअंगेज़ कारनामों के नाम रहा.

शुक्रवार को खेलों की शुरुआत गतका के प्रदर्शन से हुई. इसे पंजाबी मार्शल आर्ट कहते हैं.

इस प्रतियोगिता की शुरुआत तब शुरू हुई जब 1932 में भारत की हॉकी टीम लॉस एंजेलेस ओलंपिक्स से स्वर्ण पदक लेकर लौटी थी.

माना जाता है कि सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने खुद की सुरक्षा के लिए यह विद्या सिखाई थी.

इसमें तलवारबाजी के अलावा तरह तरह के हथियार चलाने का प्रदर्शन किया जाता है.

इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से लोग आते हैं. इसका देखने के लिए देश-विदेशों से सैलानी भी आते हैं.

गतके में तलवार के अलावा कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल होता है और गतका टीम इन्हें बक़ायदा एक संदूक में रख कर लाती है.

इस आयोजन में दर्शकों के लिए एक खुली प्रतियोगिता रखी गई थी, जिसमें 80 किलो के ट्रैक्टर के पिछले पहिए को दस सेकेंड तक ऊपर उठाए रखना था.

इसको उठाने पर एक हज़ार रुपए का इनाम रखा गया था, लेकिन कोई भी इसमें पूरी तरह सफल नहीं हो पाया.

आयोजन के ख़ास आकर्षणों में से एक था शुभ प्रीत कौर घुम्मन का एक पैर से डांस. वो इंडिया गॉट टैलेंट में दूसरे नंबर पर रही थीं. उनके हुनर को काफ़ी तरीफ़ मिली.

लेकिन शुभ प्रीत अपने दूसरे पैर को लेकर बहुत चिंतित नहीं दिखतीं. वो कहती हैं, "जब इसी वजह से उन्हें इतना कुछ मिला है तो वह दूसरा पैर नहीं लगवाएंगी."

आयोजना का एक और आकर्षण था डॉग कॉम्पटीशन. प्रतियोगिता के इस दौर में कई विदेशी कुत्तों ने हैरतरअंगेज़ कारनामे दिखाए.

इनमें कुल 26 कुत्ते शामिल हुए. इनके नाम बड़े अजीबो गरीब थे जैसे, तबाही, गैंगनम स्टाइल, बिग कैसिनो, नूरी, हॉट, ब्रूस आदि.

किला रायपुर में राजस्थान से टैटू वाला डांसिंग ऊंट भी पहुंचा था.

इसके ऊपर तरह-तरह के टैटू बने हुए थे और नाचता था.

आयोजन को देखने के लिए अमरीका, बेल्जियम और यूरोप से कई सैलानी भी जुटे थे. लेकिन आयोजन की अव्यवस्था देखकर वे काफ़ी हैरान थे, क्योंकि पता ही नहीं चल पा रहा था कि कब क्या होने वाला है.

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