चर्चों पर हमले: 'प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं'

दिल्ली के सेक्रेडहर्ट कैथेड्रल पर प्रदर्शन करते ईसाई

दिल्ली में चर्चों पर लगातार हो रहे हमलों के विरोध में ईसाइयों ने गुरुवार को सेक्रेड हर्ट कैथेड्रल के पास प्रदर्शन किया.

चर्च परिसर में प्रदर्शन करने के बाद वहां जमा ईसाई केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आवास की ओर मार्च कर रहे थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें वहाँ जाने से रोक दिया.

केंद्रीय गृहमंत्री के आवास की ओर मार्च कर रहे क़रीब सौ प्रदर्शनकारियों को पुलिस गिरफ़्तार कर संसद मार्ग थाने ले गई.

पुलिस पर आरोप

थाना परिसर में मौज़ूद फ़ादर डॉमिनिक ने कहा कि पुलिस ने उन्हें घसीटते हुए गाड़ी में चढ़ाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने ननों को भी नहीं बख्शा और उन्हें भी घसीटते हुए गाड़ी में बिठाया.

फ़ादकर जॉली ने बताया कि दिल्ली के चर्चों पर लगातार हमले हो रहे हैं. इन हमलों की वजह से दिल्ली के ईसाई ख़ुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जब देश के राजधानी में ईसाई ख़ुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, देश के बाकी हिस्सों के ईसाइयों के हाल का आप अंदाजा लगा सकते हैं.

सुनियोजित हमले

उन्होंने कहा कि इतने हमलों के बाद भी प्रधानमंत्री चुप हैं. उन्होंने कहा कि इन हमलों को देखते हुए प्रधानमंत्री को सामने आकर बयान देना चाहिए. उन्हें ईसाइयों को भरोसा दिलाना चाहिए.

वहीं रॉबिन रत्नाकर डेविड का कहना था कि दिल्ली के चर्चों पर पिछले कुछ महीनों में हुए हमले सुनियोजित हैं.

डेविड ने कहा कि इन हमलों में चर्च की पवित्र जगहों को निशाना बनाया गया. कोई भी क़ीमती चीज चोरी नहीं हुई, लेकिन पुलिस जानबूझकर इन हमलों को चोरी का मामला बता रही है.

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