बिहारः 'नीतीश विधानमंडल दल के नए नेता'

नीतीश समर्थकों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने नीतीश कुमार को विधानमंडल के नए नेता के रूप में मान्यता दे दी है. चौधरी ने बीबीसी को फ़ोन पर यह जानकारी दी.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "नियम के मुताबिक़ सबसे बड़े दल के अध्यक्ष के पत्र के आधार पर ही विधानमंडल के नेता को मंजूरी दी जाती है."

चौधरी के अनुसार जनता दल यूनाइटेड(जद-यू) के अध्यक्ष शरद यादव से मिली चिट्ठी के बाद उन्होंने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. साथ ही राज्यपाल कार्यालय को भी इसकी जानकारी दे दी गई है.

इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को उनकी पार्टी जद-यू ने पद से हटने के लिए कहा था.

पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ने उन्हें एक चिट्ठी लिख कर कहा कि विधानमंडल की बैठक में नीतीश कुमार को नया नेता चुन लिया गया है.

शरद यादव ने चिट्ठी में कहा, "राज्य में पार्टी की नई सरकार बन सके, इसलिए यह ज़रूरी है कि वे (मांझी) अपने पद से त्यागपत्र तुरंत दे दें."

मांझी ने यादव के ख़त का कोई जवाब नहीं दिया है. मांझी नीति आयोग की बैठक के सिलसिले में दिल्ली में हैं.

अन्य दलों का समर्थन

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वहीं कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और जद-यू के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर कार्यवाहक राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के नाम एक समर्थन पत्र उनके प्रमुख सचिव को सौंपा. राज्यपाल फ़िलहाल कोलकाता में हैं और वो सोमवार को पटना आएंगे.

राज्यपाल के सचिव को सौंपे गए पत्र में 129 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया गया है. पत्र में कहा गया है कि जीतन राम मांझी को जदयू के विधानमंडल के नेता पद से हटाकर उनकी जगह नीतीश कुमार को नया नेता चुना गया है.

इस प्रतिनिधिमंडल में जनता दल यूनाईटेड की बिहार इकाई के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, पार्टी के विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीक़ी, कांग्रेस के सदानंद सिंह और भाकपा व राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिधि शामिल थे. इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक भी उनके साथ राजभवन गए थे.

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