नीति आयोग की बैठक में ममता बनर्जी नदारद

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राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता मेें हुई नीति आयोग की पहली बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं आईं.

बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों को ज़्यादा पैसे देने का आश्वासन दिया है. उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि इस पैसे के बेहतर इस्तेमाल के लिए राज्य सरकारों को पहले से अधिक अधिकार भी दिए जाएंगे.

मोदी ने तमाम राजनीतिक मतभेदों को भुला कर ज़्यादा से ज़्यादा रोजगार के मौके बनाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि हर राज्य में एक अफ़सर नियुक्त किया जाना चाहिए, जो सिर्फ केंद्रीय परियोजनाओं को लागू करने से जुड़ी तमाम दिक्कतों को दूर करे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरह की योजना सभी राज्यों के लिए मुफ़ीद नहीं होती है. इसलिए हर राज्य के लिए उसकी ज़रूरत के हिसाब से परियोजना तय की जानी चाहिए.

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने हर राज्य में दो टास्कफोर्स बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. एक टास्कफोर्स कृषि विकास पर विचार करेगा और दूसरे का ज़ोर ग़रीबी कम करने के उपायों पर होगा.

ममता नहीं आईं

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Image caption पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक में नहीं शामिल हुईं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में फ़ैसला लिया गया कि स्वच्छ भारत अभियान और स्किल डेवलपेंट (कौशल के विकास) के लिए दो अलग-अलग समितियां बनाई जाएंगी.

इसके अलावा कुछ मुख्यमंत्रियों का एक और समूह होगा जो इस पर विचार करेगा कि केंद्र सरकार की मदद से चल रहे 66 योजनाओं में किसे चालू रखा जाए और किसे बंद किया जाए.

विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री इन समितियों के सदस्य होंगे. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बैठक में शिरकत नहीं की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों तमाम मुद्दों पर सुझाव मांगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें ‘मेक इन इंडिया’, स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, ‘स्मार्ट सिटी’ और दूसरी तमाम केंद्रीय योजनाओं पर अपनी राय दें.

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