बिहार: जीतन मांझी जद(यू) से निकाले गए

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बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जनता दल (यू) ने पार्टी से निकाल दिया है. उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

पार्टी के नेता के सी त्यागी ने ये जानकारी देते हुए कहा - ''जीतन राम मांझी लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे. इस कारण उन्हें पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है. अब वो पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं. उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई पार्टी संविधान की विशेष धारा के तहत की गई है.''

त्यागी का कहना था कि किसी भी पार्टी में पार्टी अध्यक्ष से बड़ा कोई नहीं होता है.

आठ महीने पहले मुख्यमंत्री बने मांझी अपनी ही पार्टी के नेताओं से तब भिड़े थे जब पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री पद दोबारा नीतीश कुमार के हवाले करने का फ़ैसला किया था. मांझी रविवार को दिल्ली में प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिल चुके हैं.

विधायकों की परेड संभव

बिहार विधानसभा में कुल 238 सीटें हैं.

स्थानीय संवाददाता मनीष शांडिल्य को सूत्रों ने बताया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले गुट ने राज्यपाल को कुल 129 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी है.

उधर सोमवार को जीतन राम मांझी के गुट के लोगों ने दावा किया है कि विधानसभा में उन्हें कुल 140 विधायकों को समर्थन मिलेगा.

बीजेपी के पास बिहार विधानसभा में 88 सीटें हैं और पार्टी मांझी के समर्थन में आगे आ सकती है.

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जेडीयू नेता पवन वर्मा का कहना है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोपहर को राजभवन में अपने समर्थक विधायकों की परेड कर सकते हैं.

नज़रे राज्यपाल पर हैं कि वे जेडीयू नेता नीतीश कुमार को सरकार बनाने का मौका देते हैं या फिर मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को विश्वासमत हासिल करने को कहेते हैं.

इससे पहले जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से इस्तीफ़ा देने के लिए कहा था. लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना करते हुए कहा था कि वो विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे.

जीतन राम मांझी को नीतीश कुमार ने ही मुख्यमंत्री बनाया था.

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