मांझी 20 फरवरी को बहुमत साबित करें: राज्यपाल

जीतनराम मांझी

बिहार के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से कहा है कि वे 20 फरवरी को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें.

पिछले कुछ दिनों से राज्य में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल के फ़ैसले पर सबकी नज़रें थीं.

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये मांग की थी कि 48 घंटे के अंदर राज्यपाल जीतनराम मांझी को बहुमत साबित करने के लिए कहें.

पिछले दिनों जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी, जिसमें नीतीश कुमार को नया नेता चुना गया था.

दावा

Image caption पिछले दिनों मांझी और नीतीश समर्थक आपस में भिड़ गए थे

जीतनराम मांझी उस बैठक में नहीं आए और उन्होंने शरद यादव के बैठक बुलाने के अधिकार को ही चुनौती दे डाली और कहा कि ये असंवैधानिक है.

राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मिलने के बाद उन्होंने कहा था कि वे विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर देंगे.

दूसरी ओर जनता दल (यू) विधायक दल का नया नेता चुने जाने के बाद नीतीश अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली पहुँचे और बुधवार को राष्ट्रपति भवन में इन विधायकों की परेड भी कराई.

नीतीश कुमार ने दावा किया कि उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विधायकों का भी समर्थन हासिल है.

जनता दल (यू) का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी जीतनराम मांझी का समर्थन कर रही है और बिहार में राजनीतिक संकट उसकी देन है. हालाँकि भाजपा का कहना है कि ये जनता दल (यू) का आंतरिक मामला है.

हाई कोर्ट में मामला

इस बीच नीतीश कुमार को जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) विधायक दल के नेता के तौर पर स्पीकर की मान्यता दिए जाने पर पटना हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है.

जद-यू विधायक राजेश्वर राज ने स्पीकर के इस फ़ैसले को चुनौती दी थी. पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष शरद यादव की ओर से बुलाई गई बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया था जिसे स्पीकर ने अपनी स्वीकृति दे दी थी.

इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 फ़रवरी को होगी.

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