क्रोसीन खाकर क्या क्या कह गए केजरीवाल

  • 14 फरवरी 2015
अरविंद केजरीवाल स्केच

दिल्ली में शनिवार को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बिना मफ़लर के केजरीवाल अधूरे-अधूरे से लग रहे थे.

भाषण के दौरान 'ऑडियो सिग्नेचर' खाँसी भी उन्हें सिर्फ़ दो-तीन बार ही आई.

1-केजरीवाल ने अपनी जीत को कई बार क़ुदरत का करिश्मा बताया, नरेंद्र मोदी अब तक हार की सफ़ाई पेश नहीं कर सके हैं, अब वे इसे प्राकृतिक आपदा बता सकते हैं.

2-उन्होंने कहा कि विकसित देशों में प्रधानमंत्री बस स्टॉप पर खड़े मिल जाते हैं, मोदी जी, सुन रहे हैं न?

3-केजरीवाल ने कहा, जनता को गले लगा लो, जनता अपना विकास खुद ही कर लेगी, उन्होंने नहीं बताया कि गले मिलने का अभियान कब शुरू होगा और विकास का काम कब तक पूरा हो जाएगा?

4-केजरीवाल शपथ लेने के तुरंत बाद मुकर गए, बोले- “मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ली है, दिल्ली का मुख्यमंत्री मैं नहीं, आप सब लोग हैं.” इसके क्या-क्या मतलब निकाले जाएँ?

5-वाई-फ़ाई और सीसीटीवी का वादा तो ठीक था, भारत के वर्ल्ड कप जीतकर आने की बात कुछ ज़्यादा ही हो गई, उनकी इस बात पर तो कोई भरोसा नहीं करेगा.

6-उन्होंने किरण बेदी को अपनी बड़ी बहन बताया और कहा कि वो उनसे गाइडेंस लेंगे, अजय माकन से भी मशविरा लेंगे, ये सिर्फ़ कहने की बाते हैं, उन्हें मालूम है कि किरण बेदी और अजय माकन से विधानसभा में भेंट ही नहीं होने वाली है.

7-केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की टोपी पहनकर गुंडागर्दी करने वालों को दोगुनी सज़ा होनी चाहिए, यानी दिल्ली पुलिस का जिस पर दिल आ जाए उसे आम आदमी पार्टी की टोपी पहना सकती है.

8-उन्होंने कहा कि उनके सारे मंत्री और एमएलए 24-24 घंटे काम करेंगे, गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स वालों को इसकी सूचना तत्काल भेजी जानी चाहिए.

9-कार की खिड़की से माइक घुसेड़ने वाले पत्रकारों से कहा कि पाँच साल तक काम करने दें, घंटे-घंटे हिसाब न माँगें. यही तो अमित शाह भी कह रहे थे कि हमें पार्टी चलाने दीजिए, आप चैनल चलाइए.

10-केजरीवाल ने पब्लिक को बताया कि उन्हें बुख़ार है और क्रोसीन खाकर शपथ लेने आए हैं, अब समझ में आया कि जिसे पहले से ही बुख़ार हो, वह बुख़ारी का समर्थन लेकर क्या करेगा?

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