व्यापम घोटाले में शिवराज शामिल: कांग्रेस

  • 16 फरवरी 2015
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मध्यप्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल के कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस ने सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफ़े की मांग की है.

कांग्रेस का आरोप है कि 2013 में व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाओं और नौकरियों में पैसे लेकर मनमाने तरीक़े से उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया.

हाई कोर्ट के आदेश पर जस्टिस चंद्रेश भूषण के नेतृत्व में विशेष जांच दल इस मामले की तफ़्तीश कर रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी और 'सबूत' सौंपे. उनका कहना था यो तो मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दे, नहीं उनके शपथपत्र के मुताबिक उनके ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई शुरु की जाए.

तीन कांग्रेसी नेताओं दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भोपाल में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार पर अदालत में फ़र्ज़ी सुबूत पेश करने का आरोप लगाया.

उधर भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है और मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा है कि मुख्मंत्री शिवराज सिंह ने ख़ुद ही मामले की जांच की पहल की थी.

शिवराज के ख़िलाफ़ आरोप

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Image caption कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शपथपत्र के साथ एक नई एक्सेल शीट एसटीएफ़ को दी है.

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार को बचाने के लिए इस मामले में सुबूत के रूप में दाखिल एक्सेल शीट में तब्दीलियां की गईं.

दिग्विजय सिंह ने नई एक्सेल सीट जारी की जिसमें 48 जगहों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का नाम है.

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यही मूल शीट है जिसे पुलिस ने व्यापम के प्रिसिंपल सिस्टम एनॉलिस्ट नितिन महिंद्रा के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क से ज़ब्त किया था.

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इस शीट में 48 जगहों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का नाम था जिसे हटाकर उस जगह पर मिनिस्टर और उमा भारती लिखा गया.

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इस शीट में मिनिस्टर 01, मिनिस्टर 02 और मिनिस्टर 03 और मिनिस्टर 04 लिखा था, जिन्हें हटाया गया.

कांग्रेस ने दावा किया कि वह इस शीट की सत्यता को साबित कर सकती है. पार्टी नेता दिग्विजय सिंह ने इस शीट को एफ़िडेविट के साथ सोमवार को एसटीएफ़ को जमा करवाया.

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