दिल्ली पुलिस की 'चार्लीज़ एंजल्स'

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दिल्ली पुलिस के एक महिला सुरक्षा दस्ते को विशेष तौर से राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जा रही है.

एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार महिलाओं के इन 40 सदस्यों के समूह के प्रशिक्षकों ने इसे 'चार्लीज़ एंजल्स' का नाम दिया है. इस दस्ते को जल्द ही मेट्रो स्टेशनों, बस स्टॉप, कॉलेजों के बाहर और अन्य संवेदनशील जगहों पर तैनात किया जाएगा.

कई महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद महिला कॉन्सटेबल तैनात किए जाने के लिए तैयार हैं.

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अभ्यास सत्र में ये अपने काल्पनिक हमलावरों को कोहनी और लात मारती हैं.

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इस दल की प्रमुख भारती बाधवा ने एएफ़पी से कहा कि ''हम कोई भी बुरा बर्ताव सहन नहीं करेंगे''. वे कहती हैं कि बात छेड़छाड़ से शुरु होती है और कई बार बलात्कार पर ख़त्म होती है और महिला दस्ता इस सबको रोकेगा.

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राजधानी में दिसंबर 2012 में हुई जघन्य बलात्कार की घटना के बाद से दिल्ली को रेप कैपिटल तक कहा जाने लगा है.

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महिलाओं के ख़िलाफ़ बढते अपराधों की वजह से दिल्ली पुलिस ने ऐसे कई क़दम उठाए जिनसे शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया जा सके. इसमें महिलाओं के लिए सेल्फ़ डिफ़ेंस ट्रेनिंग शामिल है.

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महिला अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने 'चार्लीज़ एन्जेल्स' की तैनाती का स्वागत किया है. साथ ही यह भी कहा है कि इतने बड़े शहर में इस तरह की सिर्फ़ 40 कॉन्सटेबल काफ़ी नहीं होंगी.

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